स्पोर्ट्स डेस्क। सचिन रमेश तेंदुलकर दुनिया के सबसे अच्छे क्रिकेटर्स में से एक हैं और भारत में उन्हें 'क्रिकेट का भगवान' कहा जाता है। उन्होंने ग्यारह वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 15 नवंबर 1989 को सोलह वर्ष की उम्र में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला और इस शुरुआत के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय कैरियर चौबीस साल तक चला। वे 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले एकमात्र और वनडे इंटरनेशनल में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज है। आज उनके जन्मदिन पर हम आपको सचिन तेंदुलकर के जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे है।
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सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर ने उनका नाम प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था।
सचिन तेंदुलकर राज्यसभा में नामित होने वाले भारत के पहले सक्रिय क्रिकेटर हैं।
सचिन शुरुआत में एक पेशेवर टेनिस खिलाड़ी बनना चाहते थे और वे जॉन मैकनेरो को अपना आदर्श मानते थे। यहाँ तक कि उन दिनों उनकी हेयरस्टाइल भी मैकनेरो जैसी थी।
ये बात तो आप सभी जानते होंगे कि सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी करने के लिए अपने दाहिने हाथ का उपयोग करते हुए करते हैं लेकिन ये बात बहुत कम लोगों को पता है कि वे लिखने के लिए अपने बाएं हाथ का उपयोग करते हुए हैं।
सचिन तेंदुलकर ने 20 साल की उम्र से पहले पांच टेस्ट शतक बनाए है जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है।
सचिन को नींद में बात करने और इसके साथ-साथ नींद में चलने की आदत थी।
अपने क्रिकेट खेलने के शुरूआती दिनों में सचिन एक तेज गेंदबाज बनना चाहते था। उन्होंने इसके लिए 1987 में एमआरएफ पेस एकेडेमी का दौरा किया लेकिन उन्हें मुख्य कोच डेनिस लिली ने इसके लिए मना कर दिया और अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
सचिन रणजी और दलीप ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।
अक्टूबर 1995 में, सचिन वर्ल्ड टेल. के साथ पांच साल के लिए 31.5 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सबसे अमीर क्रिकेटर बने।
सचिन तेंदुलकर थर्ड अंपायर द्वारा आउट दिए जाने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज थे।
2003 में सचिन ने बॉलीवुड फिल्म 'स्टम्प्ड' में अतिथि भूमिका निभाई थी।
तेंदुलकर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट में 40 विकेट और 11000 से अधिक रन बनाए हैं।
सचिन हर साल मुंबई स्थित एनजीओ, अपनालय के माध्यम से 200 जरूरतमंद बच्चों की मदद करते है।