खेल डेस्क। महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल सीजन 11 के फाइनल में सनराइजर्स हैदराबद को हराकर ट्रॉफी हांसिल की। वैसे सभी को पता है कि इस मैच को जीतकर आईपीएल की ट्रॉफी को कब्जे में करने वाली टीम के लिए शेन वाटसन ने शानदार 57 गेंदों पर नाबाद 117 रनों की पारी खेली थी। वहीं फाइनल तक पहुंचने के लिए पूरी टीम को ही श्रेय जाता है, लेकिन इनके अलावा भी कुछ ऐसा था जो महेन्द्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खास रहा।
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ये ओर कोई नहीं बल्कि मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम था। इस मैदान में अब तक महेन्द्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई ने तीन मैच खेले है और तीनों में ही उन्होंने शानदार जीत दर्ज की है। चेन्नई अपने इस सीजन की शुरूआत मुंबई इंडियंस के खिलाफ 7 अप्रेल से की थी। इस मैदान पर खेले गए मैच में रोमांचक मुकाबले में चेन्नई ने मुबई को एक विकेट शेष रहते मात दी थी। उसके बाद चेन्नई ने वैसे तो कई अन्य मैदानों पर जीत दर्ज की और आईपीएल सीजन 11 के प्ले ऑफ में पहुंची।
महेन्द्र सिंह धोनी के नाम रहा आईपीएल सीजन 11, इन उपलब्धियों को किया हांसिल
इस बार प्लेऑफ में चेन्नई का सामना इसी मैदान पर सनराइजर्स हैदराबाद के साथ था। महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई के लिए एक बार फिर वानखेड़े का मैदान लक्की रहा और इस अहम मुकाबले में भी चेन्नई ने हैदराबाद को दो विकेट से हराया। इस मैच को जीतने के बाद चेन्नई ने अपना फाइनल का टिकट कटा लिया और फाइनल मुकाबले में उनके सामने एक बार फिर केन विलियमसन की कप्तानी वाली सनराइजर्स हैदराबद को हराकर सीजन 11 की ट्रॉफी अपने नाम करने की चुनौती थी।
ये तीन संयोग जिन्होंने महेन्द्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई को तीसरी बार दिलाया आईपीएल का खिताब
इस बार भी मुंबई का वहीं ऐतिहासिक मैदान था जहां चेन्नई पहले अपने दो मैच जीत चुकी थी। जब तीसरी बार चेन्नई सुपर किंग्स की टी हैदराबाद सनराइजर्स के खिलाफ आईपीएल सीजन 11 के फाइनल खेलने उतरी तो शायद उन्हे भी पता नहीं होगा कि ये मैदान इस बार भी टीम का साथ देगा। कुछ ऐसा ही हुआ फाइनल मुकाबले में और चेन्नई ने शेन वाटसन की धुंआदार पारी की बदौलत हैदराबद को आठ विकेट से करारी हार दी। इस जीत के साथ जहां आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स ने अपना नाम लिख दिया। वहीं महेन्द्र सिंह धोनी के लिए भी इस मैदान में मिली जीत को यादगार बना दिया होगा।
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2011 वल्र्ड कप में इसी मैदान पर महेन्द्र सिंह धोनी रच चुके हैं इतिहास:- साल 2011 का वनडे वल्र्ड कप तो शायद सभी को याद होगा। 2011 का वल्र्ड कप का फाइनल भी इसी मैदान पर हुआ था। जहां महेन्द्र सिंह धोनी ने भारत को वल्र्ड कप दिलाकर इतिहास रच दिया था।