क्रिकेट में आज भी कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर इंडियन टीम में आने के लिए बेताब रहते है और वे लगातार घरेलू क्रिकेट टीम में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने के साथ ही राष्ट्रीय टीम में आने का दावा ठोंक देते है. इसके बाद उनको जगह भी मिलती है, लेकिन अपने खेल में निरंतरता ना रख पान के कारण टीम से बाहर हो जाते है.
क्रिकेट जैसे खेल का क्रेज भारत में इस तरह का है कि भारत का राष्ट्रीय खेल हाकी होते हुए भी क्रिकेट को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. लोग क्रिकेट के लिए अजीब सा पागलपन दिखाते है. लेकिन ना जाने कितने ऐसे बल्लेबाज और गेंदबाज है जो चाहते हुए भी अपनी टीम के लिए नहीं खेल रहे है. इसका कारण उनके खेल में निरन्तरता का ना रहना भी रहा है. एक अच्छी शुरुआत मिलने के बाद अपने खेल में निरंतरता नहीं रख पाए, जिसके कारण टीम से बाहर कर दिये गए जिसके बाद कभी टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए.
आज हम उन खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे जो अच्छी शुरुआत के बाद ना जाने क्यों फीके पड़ गए.
पंकज सिंह

पंकज सिंह का जन्म सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था. पंकज एक तेज गेंदबाज है. सिंह आईपीएल में राजस्थान के लिए खेलते हैं. सिंह को ऑस्ट्रेलिया में 2007-08 की सीमा गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला के लिए भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम (भारतीय क्रिकेट टीम ) में चुना गया था, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला.जब उन्हें खेलने का मौका मिला तब उन्होंने बिना विकेट लिए सबसे ज्यादा रन देने का रिकॉर्ड बना दिया, जिसके बाद पंकज को खेलने का मौका ही नहीं मिला.
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