स्पोर्ट्स डेस्क। टीम इंडिया में की टीम के बारे में कभी महेन्द्र सिंह धोनी के बिना नही सोचा जाता अगर भारतीय टीम पूरी होती है तो वह महेन्द्र सिंह धोनी के नाम के साथ ही पूरी होती है। महेन्द्र सिंह धोनी अब भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी लेकिन अब भी टीम की उनकी एक अलग जगह है। कई बार उनके सन्यास लेने की खबर आती रहती है। लेकिन अपने शानदार प्रदर्शन से आलोचकों का मुंह बंद कर देते है साथ ही उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी को भी इंतजार करवाते है। अभी राष्ट्रीय टीम में आने से पहले कुछ विकेटकीपरों ने अपने सुनहरे भविष्य की कल्पना की थी।
बताया जाता है की भारतीय टीम में अगर धोनी के बाद किसी विकेटकीपर का नाम लिया जाता है तो वह दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है लेकिन अभी विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने धोनी की टीम इंडिया में मौजूदगी के बावजूद अपने खराब प्रदर्शन को टीम में पर्याप्त मौके नहीं मिलने का प्रमुख कारण बनाया है। साथ ही बताया जाता है की 2003 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे ने कहा की अगर अगर हमने राष्ट्रीय टीम की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया होता तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते।
बताया जा रहा है की विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने तो यहां तक कह दिया था कि जब महेन्द्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली थी तो उन्होंने सोचा था कि अब वह क्रिकेट से संन्यास ले लें या फिर विकेट कीपिंग को ही छोड़ दे। दिनेश कार्तिक ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत 5 सितम्बर, 2004 की थी जबकि धोनी ने अपना पहला मैच 23 दिसम्बर, 2004 की खेला था। हाल ही में धोनी को अपनी टीम से अलग अभ्यास करते हुए भी देखा गया था। धोनी हमेशा कुछ ना कुछ नया करते रहते है।
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