सेंट पीटर्सबर्ग। डिफेंडर सैमुअल उमटिटी के गोल की बदौलत फ्रांस ने बेल्जियम को 1-0 से हराकर 12 साल बाद फीफा विश्व कप फाइनल में जगह बना ली है। यह तीसरा मौका है जब फ्रांस ने विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई हो।
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इसके साथ ही बेल्जियम का विजयी रथ भी रूक गया है। फ्रांस ने बेल्जियम का 24 मैचों का विजयी अभियान भी थाम दिया है। इससे पहले फ्रांस ने अपनी मेजबान में 1998 में आयोजित इस टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में ब्राजील को हराया था। जबकि इसके बाद 2006 के खिताबी मुकाबले में उसे इटली से हार का सामना करना पड़ा था।
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फ्रांस अब 15 जुलाई को होने वाले खिताबी मुकाबले मेंं इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच आज होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।
1998 की विजेता टीम की यह बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप में विजयी हैट्रिक है। इससे पहले उसने 1938 में पहले दौर का मुकाबला 3-1 से जीतने के बाद 1986 में तीसरे दौरमें बेल्जियम पर 4-2 से जीत दर्ज की।
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सेमीफाइनल मुकाबले में बेल्जियम को उसके स्टार खिलाड़ी रोमेलु लुकाकु की नाकामी का खामियाजा भुगतना पड़ा। इस टूर्नामेंट में चार गोल कर चुका यह खिलाड़ी मैच में अपना प्रभाव छोडऩे में नाकाम रहा।
हालांकि फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर ओलिवर गिरोड भी कई मौकों पर अच्छे मूव को गोल में पहुंचाने में नाकाम रहे। मध्यांतर तक दोनों टीमें का स्कोर 0-0 रहा।
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इसके बाद मैच के 51वें मिनट में डिफेंडर सैमुअल उमटिटी ने गोल कर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद दोनों ही टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका और फ्रांस 2006 विश्वकप के बाद पहली बार फीफा विश्व के फाइनल में पहुंच गई।