फिजीकल फिटनेस के मामले में टीम इंडिया के दो खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली सबसे आगे हैं। आपने क्रिकेट मैच के दौरान टीम इंडिया के तकरीबन हर खिलाड़ी को आउट होते हुए देखा। यहां तक कि पिच पर दौड़ लगाने में माहिर महेंद्र सिंह धोनी भी मैच के दौरान कई बार आउट हो जाते हैं।
इस स्टोरी में आज हम आपको एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो टेस्ट क्रिकेट के दौरान कभी भी रन आउट नहीं हुआ। जी हां, यह क्रिकेटर किसी दूसरे देश का नहीं बल्कि इंडिया का ही है।जी हां, हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, उस खिलाड़ी का नाम कपिल देव है। कपिल देव की अगुवाई में टीम इंडिया ने 1983 में पहली बार विश्वकप मैच जीता था। आॅलराउंडर कपिलदेव ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 131 टेस्ट मैचों 184 पारियां खेली हैं।
सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और अच्छे बल्लेबाज के रूप में कपिल देव ने इंडियन टीम में 1978 से लेकर 1994 खेला।आपको जानकारी के लिए बता दें कि कपिल देव अपनी बल्लेबाजी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में कभी भी रन आउट नहीं हुए। टेस्ट क्रिकेट में कपिल ने 31 रन के औसत से कुल 5248 रन बनाए हैं।आलराउंडर कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट और वनडे क्रिकेट में 250 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं।
गौरतलब है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कुल 225 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उनकी स्ट्राइक रेट 95.07 रही, मतलब 100 गेंद पर 95.07 रन। इन वनडे मैचों में कपिलदेव ने कुल 3783 रन बनाए हैं। ये आंकड़े इसलिए अहमियत रखते हैं कि जबकि अक्टूबर 1994 में कपिलदेव ने अपना आखिरी वनडे मैच खेला, उस समय क्रिकेट जगत में तूफानी बल्लेबाजी का दौर अभी शुरू नहीं हुआ था।
कपिल के साथ क्रिकेट खेल चुके पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे का कहना है कि कपिल देव क्रीज पर आते ही रन बटोरना शुरू कर देते थे। वह स्ट्राइक रोटेट करने में माहिर थे। उनके जैसा क्रिकेटर उन्होंने आज तक नहीं देखा है।
Herald