स्पोर्ट्स डेस्क। आज से इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एशियन गेम्स का 18वां संस्करण शुरू होने जा रहा है। इस बार के संस्करण में भारतीय दल सबसे बड़ा दल होने के साथ के इस बार सबसे ज्यादा गोल्ड जितने का रिकॉर्ड भी बना सकता है। इससे पहले भारतीय टीम ने 1951 में नई दिल्ली में आयोजीत किए गए पहले एशियाई खेलों में 15 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। लेकिन इस बार ज्यादा गोल्ड जीतने की वजह ये है की एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम सबसे बड़ा दल बनकर गया है। भारत ने अब तक सबसे ज्यादा बार पदक ऐथलेटिक्स में प्राप्त किए है। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने अब तक 139 गोल्ड मेडल जितने में सफल हुआ है।
इस बार के एशियाई खेलों में भारत की तरफ से लगभग 572 खिलाड़ी है जिसमें 312 पुरुष और 260 महिलाएं है। इस बार का ध्वजवाहक की जिम्मेदारी नीरज चोपड़ा को दी गई है। इस बार भारतीय खिलाड़ी लगभग 36 खेलों में भाग ले रहे हैं। तीरंदाजी, ऐथलेटिक्स, बैडमिंटन, जिम्नैस्टिक, गोल्ड, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कर्राटे, कुराश, पेनकाक सिलात, रोलर स्पोर्ट्स, टेनिस, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल और बॉक्सिंग जैसे कई खेलों में हिस्सा लेंगे। इस दल में से लिएंडर पेस ने अपना नाम वापस लिया था।
एशियाई खेलों के इतिहास में अब तक चीन ने 199 स्वर्ण पदकों सहित कुल 416 पदक अपने नाम किए है जो एशियाई खेलों में किसी एक देश द्वारा सर्वाधिक पद जितने का रिकॉर्ड बना हुआ है। चीन लगातार 9 बार एशियाई खेलों में पदक तालिका में पहला स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है। चीन इस बार पदक तालिका में पहला स्थान प्राप्त करने का भरपूर प्रयास करेगा और वह इस में सफल होता है तो वह लगातर 10 वीं बार अंक तालिका में पहला स्थान प्राप्त करने वाला देश बन जाएगा। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत सिर्फ दो बार टॉप 8 से बाहर रही है।
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