दुनिया भर के क्रिकेटर भारत में आईपीएल खेलने आते है, लेकिन बीसीसीआई भारतीय क्रिकेटरों को दुसरे देश में खेलने की इजाजत नहीं देती है. जिस भी देश में टी-20 क्रिकेट लीग होता है.
वह सभी देश बीसीसीआई से भारत के खिलाड़ियों को भेजने का आग्रह कर चुके है, लेकिन बीसीसीआई किसी भी कीमत पर अपने खिलाड़ियों को विदेशी टी-20 लीग में भेजने को तैयार नहीं है.
आज हम आपकों अपने इस खास लेख में उन फायदों के बारे में ही बताएंगे, जिनसे भारतीय टीम को विदेशी टी-20 लीग खेलने में फायदा होगा.
भारत के खिलाड़ियों को समझने को मिलेगी विदेशी पिचें

बीसीसीआई अगर भारत के खिलाड़ियों को विदेशी टी-20 लीग में खेलने को भेजे, तो भारत के खिलाड़ियों को विदेशी पिचें समझने को मिलेगी. अक्सर देखा गया है, कि भारतीय बल्लेबाज विदेशी पिचों पर संघर्ष करते हुए नजर आते है.
अगर बीसीसीआई भारत के खिलाड़ियों को विदेशी टी-20 लीग खेलने भेजती है, तो इससे भारतीय खिलाड़ियों विदेशी पिचें समझने को मिलेगी और वह भारतीय टीम को ज्यादा से ज्यादा विदेश में मैच जीता पाएंगे.
दुसरे देशों के खिलाड़ियों की मिलेगी कमजोरी

विदेशी लीगों में दुनिया भर के खिलाड़ी एक टीम में होते है और एक ही देश के खिलाड़ी अलग-अलग टीमों से खेल रहे होते है. ऐसे में जब एक ही देश का एक बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहा होता है और उसी देश का एक खिलाड़ी फील्डिंग टीम में होता है, तो वह खिलाड़ी उस बल्लेबाज की कमजोरी बता देता है. विदेशी टी-20 लीग में खेलने से भारतीय गेंदबाजो को दुनिया भर के बल्लेबाजों की कमजोरी जानने का भी मौका मिलेगा.
परिपक्व होंगे खिलाड़ी, बढ़ेगा आत्मविश्वास

विदेशी टी-20 लीग में खेलने से एक खिलाड़ी के तौर पर भी भारतीय खिलाड़ी परिपक्व होंगे और उनका विदेशी लीगों में अच्छा खेलने से आत्मविस्वास भी बढ़ेगा.
भारत के पास ऋषभ पंत, पृथ्वी शॉ जैसे कई ऐसे युवा खिलाड़ी है. जो विदेशी टी-20 लीग में खेलकर परिपक्व हो सकते है और अपना आत्मविश्वाश बढ़ा सकते है.
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