Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

इन 4 खिलाड़ियों को शायद ही अब पुरे करियर में कभी मिले भारतीय वनडे टीम में जगह

भारतीय क्रिकेट टीम में प्रतिस्पर्धा की कोई कमी नहीं है. टीम में तो एक से एक टैलेंटेड क्रिकेटर भरे ही हैं. इसके साथ बेंच स्ट्रेंथ पर भी आपको कोई कमी नजर नहीं आयेगी. घरेलू क्रिकेट में भी कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर अपनी चमक बिखेर रहे हैं. इसे देख लगता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुनहरा होने वाला है.

इससे इतर आज हम आपको ऐसे चार खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिनसे बहुत उम्मीदें थी, लेकिन अब वे धूमिल होती दिख रही हैं. हम ऐसे चार खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्हें शायद ही ब्लू जर्सी पहनने का मौका मिले.

पार्थिव पटेल

17 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू कर गुजरात के इस क्रिकेटर ने सबको चौका दिया था. साल 2003 विश्वकप में पार्थिव भारतीय टीम का हिस्सा थे. उस दौर में धोनी का जिक्र भी नहीं था. इस बल्लेबाज को देख क्रिकेटप्रेमियों को लगने लगा कि अब भारतीय टीम को नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज मिल गया. लेकिन उस दौर में पार्थिव मौके को भुना नहीं पाए. जिस वजह से आज वे गुमनामी की ज़िंदगी जी रहे हैं.

इस खिलाड़ी ने अब तक 38 वनडे मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 23 की बेकार औसत से रन बनाए. धोनी के आने के बाद इन्हें फिर बहुत मौके नहीं मिले. बीच में थोड़े बहुत मौके मिले तब भी यह बल्लेबाज फ्लाप रहा.

अब टीम इंडिया में विकेटकीपर बल्लेबाजों की लिस्ट देखें तो दिनेश कार्तिक, ऋषभ पंत, इशान किशन, संजू सैमसग जैसे खिलाड़ी प्रतीक्षा में हैं ऐसे में अब पार्थिव शायद ही जगह बना पाए.

 

मुरली विजय

टेस्ट में भारतीय टीम का यह नियमित सदस्य वनडे में दूर दूर तक नजर नहीं आता. विजय मौजूदा समय में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं. आखिरी बार  विजय को साल 2015 में जिम्बाम्बे के खिलाफ वनडे खेलने का मौका मिला था.

लिमिटेड ओवर में टीम इंडिया के लिए विजय अपनी जगह मौका मिलने पर नहीं बना पाए. जिस वजह से अब वे सिर्फ टेस्ट तक ही सिमित रह गए है. विजय ने 17 वनडे मैचों में 21 के औसत से 339 रन बनाए हैं.

इशांत शर्मा 

इशांत शर्मा ने भी जब टीम में जगह बनाई थी तो खूब सुर्खियां बटोरी थी. इशांत ने शुरुआत को अपनी धारदार गेंदबाजी से कई मैच भी जिताए लेकिन आज वह सिर्फ टेस्ट मैच तक सिमट कर रहे गए हैं.

इशांत ने टीम इंडिया की तरफ से 80 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 5.73 की इकोनोमी से 115 रन झटके हैं. इशांत ने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2016 में खेला था. जिसके बाद उन्हें अब तक मौका नहीं मिला.

रविचंद्रन अश्विन


एक टाइम में यह गेंदबाज टीम इंडिया के लिए लिमिटेड ओवर क्रिकेट में तुरुप का इक्का हुआ करता था, लेकिन कुलदीप यादव और युजवेन्द्र चहल के आ जाने के बाद अश्विन की अहमियत कम हो गयी. जिसका नतीजा उनके लिए टीम में जगह बनाना भी मुश्किल हो गया.

अश्विन मौजूदा समय में टीम इंडिया के लिए टेस्ट तो खेल रहे हैं लेकिन बहुत टाइम हो गया इन्हें भारत के लिए ब्लू जर्सी पहने हुए.

The post इन 4 खिलाड़ियों को शायद ही अब पुरे करियर में कभी मिले भारतीय वनडे टीम में जगह appeared first on SportzWiki Hindi.