खेल डेस्क। दोस्तों, क्रिकेट के मैदान में आए दिन कई अनोखे रिकॉर्ड देखने को मिलते है। क्रिकेट के मैदान में आए किए बल्लेबाज, गेंदबाज कोई ने कोई अनोखा रिकॉर्ड बनाने में कामयाबी हासिल करते है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से उस खिलाड़ी के बारें में बताने जा रहे है, जिसने सबसे कम उम्र में विश्वकप की ट्रॉफी उठाने में महारथ हासिल की है। तो आइए नजर डालिए उस कप्तान के बारें में जिसने कम उम्र में ही टीम को विश्वकप की ट्रॉफी दिलाई।
भारत के इस बल्लेबाज ने खेली टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा गेंदें, चौंकाने वाला नाम
कपिल देव भारतीय टीम के पूर्व कप्तान व आॅलराउंडर खिलाड़ी है। भारत के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कई मैचों में अपनी बल्लेबाजी व बॉलिंग से शानदार प्रदर्शन कर टीम को विजयी बनाने में अहम योगदान दिया है।कपिल देव ने क्रिकेट के मैदान में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए है। कई रिकॉर्ड तो कपिल के ऐसे है जो आज तक कायम है। भारत के इस खिलाड़ी के नाम सबसे कम उम्र कप्तान के तौर पर विश्वकप की ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड दर्ज है। भारत ने दूसरी बार धोनी की कप्तानी में विश्वकप जीता।
आॅलराउंडर खिलाड़ी कपिल देव ने 1983 में पूर्व विश्व चैंपियन व सबसे धाकड़ टीम वेस्टइंडीज की टीम को फाइनल में हराकर पहली बार विश्वकप जीता था। कपिल देव उस समय टीम इंडिया के कप्तान थे और उनकी उम्र उस समय 24 साल 5 माह 19 दिन थी।
इन तूफानी बल्लेबाजों के नाम हैं वनडे की एक पारी में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड, टॉप में है ये दिग्गज
कपिल देव 1983 के विश्वकप में सेमीफाइनल मुकाबलें टीम के लिए एक अविश्वसनीय पारी खेली थी। कपिल देव का वनडे का 175 रन नाबाद बेस्ट स्कोर है। कपिल देव ने वनडे में 225 मैचों में 3783 रन बनाने के अलावा 253 विकेट भी चटकाए है।