खेल डेस्क। विराट कोहली अपने करिश्माई नेतृत्व के दम पर टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहे हैं, लेकिन वह अपनी कप्तानी में इंडियन प्रीमियर लीग की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरु (आरसीबी) का प्रदर्शन सुधारने में असफल रहे हैं।
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इंडियन प्रीमियर लीग के 11 संस्करण समाप्त हो चुके हैं, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु एक में भी खिताबी जीत दर्ज नहीं कर सकी है। आईपीएल का आखिरी संस्करण तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु के लिए किसी बुरे सपने के समान रहा है।
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टीम के इस प्रदर्शन की गाज आरसीसी के कोचिंग स्टाप पर गिरी है। उसने न्यूजीलैंड के पूर्व स्पिन गेंदबाज और मुख्य कोच डेनियल विटोरी के साथ गेंदबाजी कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड और फील्डिंग कोच ट्रेंट वुडहिल को उनके पद से हटा दिया है।
हालांकि इसकी गाज टीम के गेंदबाजी मेंटोर पूर्व भारतीय खिलाड़ी आशीष नेहरा पर नहीं गिरी है। वह अभी अपने पद पर बने रहेंगे। वह पिछले साल ही बतौर गेंदबाजी मेंटोर के रूप में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु के साथ जुड़े थे।
मीडिया की ओर से आ रही खबरों की मानें तो 2018 के इंडियन प्रीमियर लीग के संस्करण में आरसीबी के साथ बतौर बल्लेबाजी सहायक जुड़े टीम इंडिया के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु टीम के नए कोच बनाए जा सकते हैं।
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पूर्व दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज गैरी कर्स्टन की कोचिंग में ही भारतीय टीम ने महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 में वनडे विश्व कप जीता था।
गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग का 11वां संस्करण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु के लिए निराशाजनक रहा था। एबी डिविलियर्स और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाडिय़ों की उपस्थिति के बावजूद इस सत्र में आरसीबी 14 में से केवल 6 मुकाबले ही जीत सकी थी।