भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में शुमार है। टीम मैचों में टीम भले ही विदेशी सरजमीं पर जूझती नजर आती है, लेकिन वनडे में ऐसा नहीं है। टीम ने 1983 में इंग्लैंड में विश्वकप पर कब्जा जमाया, 2003 में दक्षिण अफ्रीका में विश्वकप के फाइनल तक पहुंची। 2013 चैंपियंस ट्रॉफी भी टीम ने इंग्लैंड में इंग्लैंड को हराकर जीता था।
भारतीय टीम के इन प्रदर्शनों में उनके ऑलराउंडर का काफी योगदान रहा है। टीम के पास भले ही स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर कम थे लेकिन ऐसे खिलाड़ियों की कमी नहीं थी जो हर मैच में 6-7 ओवर निकल सके।
आज हम आपको ऐसे ही भारतीय एकादश के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें सिर्फ ऑलराउंडर ही शामिल हैं।
सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर इस लिस्ट में ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता हैं। अपने 24 साल लंबे करियर में उन्होंने हर वह मुकाम हासिल किया जिसकी एक क्रिकेटर उम्मीद करता है।
सचिन हमेशा से एक बल्लेबाज के रूप में जाने जाते रहे हैं, लेकिन वनडे में उन्होंने 154 बल्लेबाजों का शिकार बनाया है। चोट की वजह से उन्होंने करियर के अंत में गेंदबाजी बंद कर दी थी।
सौरव गांगुली

वनडे क्रिकेट में सचिन के साथ भारत को शानदार शुरुआत दिलाने वाले गांगुली ने वनडे में बल्ले से 11 हजार से ज्यादा रन बनाये हैं। वहीं वह मध्यम गति से गेंदबाजी भी करते थे और टीम को जरूरी सफलता दिलाने की जिम्मेदारी उनके ऊपर रहती थी।
वनडे क्रिकेट में उनके नाम 100 विकेट दर्ज हैं।
रवि शास्त्री

दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज रवि शास्त्री ने भारत के लिए काफी समय तक सलामी बल्लेबाजी की है। अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन की वजह से उन्हें 1985 क्रिकेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में मैन ऑफ़ द सीरीज का अवार्ड भी मिला था।
वर्तमान भारतीय कोच ने अपने वनडे करियर में 150 मैच खेले जिसमें उनके बल्ले से 3109 रन निकले जबकि उन्होंने 129 बल्लेबाजों को अपना शिकार भी बनाया।
युवराज सिंह

टी-20 विश्वकप हो या 2011 क्रिकेट विश्वकप, युवराज सिंह ने हर बड़े मौके पर भारतीय टीम को जीत दिलाई है। 2011 में कैंसर से जूझते हुए उन्होंने विश्वकप में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट का ख़िताब जीता।
अपने वनडे करियर युवी ने करीब 8700 रन बनाये हैं. इसके साथ ही उन्होंने 111 विकेट भी हासिल किये हैं।
महेंद्र सिंह धोनी

आज के समय में विकेटकीपर भी टीम का ऑलराउंडर ही होता है। एक समय था जब भारतीय टीम के विकेटकीपर गेंदबाजों से भी नीचे खेलने आते थे। धोनी के आने के बाद यह पूरी तरह बदल गया।
धोनी ने वनडे क्रिकेट में दस हजार से ज्यादा रन बनाये हैं। इसके साथ ही उन्होंने विकेट के पीछे 400 से ज्यादा बल्लेबाजों को शिकार किया है।
कपिल देव

कपिल देव की गिनती दुनिया के सबसे महान ऑलराउंडर में की जाती है। वह भारतीय टीम के ऐसे पहले तेज गेंदबाज थे, जिनके बाउंसर से विदेशी बल्लेबाज खौफ खाते थे।
1983 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान ने वनडे क्रिकेट में 3783 रन बनाने के साथ ही 250 से ज्यादा विकेट भी चटकाए हैं।
मनोज प्रभाकर

इस टीम की मजबूती का पता इसी से चलता है, कि इतने नीचे आने वाले बल्लेबाज ने भी अपने वनडे करियर में 2 शतक बनाये हैं। प्रभाकर ने वनडे में 2 शतक समेत 1853 रन बनाये हैं और 157 बल्लेबाजों का शिकार भी किया है।
हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या इस टीम के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने अभी कुछ साल पहले ही अपना करियर शुरू किया है, लेकिन आज वह भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गए हैं। वह अंतिम ओवरों में आकर लंबे शॉट खेल सकते हैं।
रविन्द्र जडेजा

बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रविन्द्र जडेजा भारतीय वनडे टीम के प्रमुख खिलाड़ी रह चुके हैं। हालिया फॉर्म खराब होने की वजह से उन्हें टीम से जरुर बाहर कर दिया गया है, लेकिन उनका करियर काफी शानदार रहा है।
अपने वनडे करियर में उन्होंने करीब 2,000 रन बनाने के साथ ही 155 विकेट भी चटकाए हैं।
इरफ़ान पठान

इरफ़ान पठान को भारत का दूसरा कपिल देव कहा जाता था। पठान बल्ले और गेंद दोनों से एक जैसा खेल दिखाते थे। वनडे करियर में उन्होंने करीब 1500 रन बनाने के साथ ही 173 विकेट भी चटकाएं हैं।
अजीत अगरकर

वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज अजीत अगरकर टेस्ट मैच में लॉर्ड्स में शतक बना चुके हैं। इसका मैदान जहाँ सचिन तेंदुलकर जैसे बल्ले ने भी शतक नहीं बनाया है।
वनडे में अगरकर ने 288 विकेट लेने के साथ ही करीब 1300 रन भी बनाये हैं।
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