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रोहित बनना चाहते थे टेस्ट ओपनर, BCCI के फैसले से गांगुली हैरान

नई दिल्ली            
रोहित शर्मा को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होगा कि भारत को एशिया का चैंपियन बनाने के बाद अगले ही दिन उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह नहीं मिलेगी. आपको बता दें कि रोहित शर्मा एशिया कप में बेहतरीन फॉर्म में थे. रोहित ने इस टूर्नामेंट में शिखर धवन के बाद सबसे ज्यादा 317 रन बनाए थे, वो भी 105.67 की औसत से. लेकिन, इसके बावजूद सेलेक्टर्स ने उन्हें इग्नोर कर दिया. इंग्लैंड दौरे पर ओपनिंग की समस्या से जूझने वाली टीम इंडिया की समस्या रोहित शर्मा हल करना चाहते थे. रोहित टेस्ट में ओपनिंग के लिए भी तैयार थे.

वनडे और टी-20 में पारी के आगाज ने रोहित शर्मा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 25 मैचों में तीन शतक और नौ अर्धशतक से 40 से कुछ कम की औसत से 1479 रन बनाए हैं, लेकिन फिलहाल वह टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं. इससे पहले रोहित ने टेस्ट में ओपनिंग करने को लेकर कहा था कि 'जब मैंने खेलना शुरू किया या जब मैं भारत की ओर से खेल रहा था तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं वनडे मैचों में पारी की शुरुआत करूंगा, यह आगे बढ़ते हुए हो गया, इसलिए मैंने अपने विकल्प खुले रखे हैं. मैंने किसी विकल्प को बंद नहीं किया है इसलिए अगर मौका मिलेगा तो मैं इसके लिए तैयार हूं.’

उपमहाद्वीप के बाहर रोहित की तकनीक पर भले ही सवाल उठते रहे हैं. लेकिन, एक ओपनर होकर वह टेस्ट में नंबर 6 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जो कि उनकी शैली के अनुरूप बैटिंग पोजीशन नहीं है. रोहित को जब टेस्ट टीम में नहीं चुना गया तो पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ. गांगुली ने हैरानी जताते हुए कहा, 'रोहित और टीम की शानदार जीत, रोहित तुम विशिष्ट हो लेकिन हर बार टेस्ट टीम में तुम्हारा नाम नहीं पाकर अचंभित हो जाता हूं. लेकिन ये भी अब बहुत दूर नहीं है.' एशिया कप के बाद अब टीम इंडिया का अगला मिशन वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज है. वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 4 अक्टूबर से राजकोट में होने वाला है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम इस प्रकार है:
विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल, पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर.