स्पोर्ट्स डेस्क। एलिस्टेयर कुक ने अपने टेस्ट करियर की आखिरी पारी में कई रिकॉर्ड तोड़ दिए क्योंकि उन्होंने सोमवार को ओवल में भारत के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच के दिन 4 में शानदार शतक बनाया।
मैच में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कुक ने अपने कैरियर के आखिरी टेस्ट मैच में शतक जमाया और इसी के साथ वह अपने कैरियर के पहले और आखिरी टेस्ट में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के पहले और दुनिया के पांचवें बल्लेबाज बन गए। आपकी जानकारी के लिए बात दे कि 2006 में नागपुर में कुक ने भारत के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में शतक बनाया।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इस उपलब्धि को पूरा करने के लिए टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पांचवें बल्लेबाज हैं। ऑस्ट्रेलिया के रेजिनाल्ड डफ ने जनवरी 1902 में मेलबर्न में अपने पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में इंग्लैंड के खिलाफ 104 रन बनाए। उन्होंने तीन साल बाद 22 टेस्ट मैचों में लंदन में ओवल में खेला और इंग्लैंड के खिलाफ 146 रन बनाये।
इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दूसरा बल्लेबाज भी ऑस्ट्रेलियाई था। बिल पोंसफोर्ड ने दिसंबर 1924 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत में 110 रन बनाए। वह दस साल बाद अपने आखरी मैच में ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 266 रन बनाये।
सूची में तीसरा बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल है जिन्होंने दिसंबर 1970 में पर्थ में अपने टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 108 रन बनाये। उन्होंने 87 टेस्ट मैचों में प्रसिद्ध 'बागी ग्रीन' कैप पहनने के लिए 53.86 के औसत से 7110 रन बनाये। चैपल ने जनवरी 1984 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ 182 रनों के साथ आखरी मैच में शतक लगाया।
इस शानदार सूची का हिस्सा बनने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन एकमात्र भारतीय खिलाड़ी है। भारत के पूर्व कप्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर गहरा प्रभाव डाला क्योंकि उन्होंने अपनी पहली चार पारियों में तीन शतक बनाए। दिसंबर 1984 में अपने टेस्ट मैच में कोलहर के ईडन गार्डन्स में अजहर ने 110 रन बनाये।
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