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हैरान हूं कि SG बॉल की शिकायत कर रहे हैं भारतीय खिलाड़ी: अजहरुद्दीन

मुंबई
हैदराबाद टेस्ट में 10 विकेट चटकाने वाले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने अपनी इस यादगार प्रदर्शन से 3 दिन पहले ही यह बयान दिया था कि अब सैंसपरील्स ग्रीनलैंड्स (SG) की बॉल बोलिंग के अनुकूल नहीं रह गई। SG गेंद, जिसका भारतीय क्रिकेट में इस्तेमाल करीब 25 साल से हो रहा है। इसी गेंद से पूरे देश भर में घरेलू और इंटरनैशनल क्रिकेट खेला जा रहा है, लेकिन अब अचानक से टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी इस गेंद के पक्ष में नहीं दिख रहे।

उमेश यादव, कुलदीप यादव, रविचंद्रन अश्विन और कप्तान विराट कोहली इस गेंद की परफॉर्मेंस से खफा दिख रहे हैं और इन खिलाड़ियों की मानें, तो अब भारत में SG बॉल की जगह इंग्लैंड में निर्मित ड्यूक बॉल से क्रिकेट खेला जाना चाहिए। वेस्ट इंडीज के खिलाफ राजकोट में खेले गए पहले टेस्ट मैच में कुलदीप यादव ने इस बॉल से 6 विकेट अपने नाम किए थे और बाद में उन्होंने भी इस गेंद की क्षमता पर सवाल खड़े किए।

भारतीय टीम के वर्तमान खिलाड़ियों की अचानक इस SG बॉल से हुई नाराजगी पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन भी हैरान हैं। अजहर कहते हैं, 'मेरी समझ में यह नहीं आ रहा कि अचानक SG बॉल को लेकर इतना हो-हल्ला क्यों हो रहा है।'

भारत में ड्यूक्स बॉल से खेल चुके अजहर इसकी चुनौतियों को याद करते हुए बताते हैं, 'मुझे अब भी वे साल अच्छे से याद हैं- जब 1984-85 में भारत में ड्यूक्स की गेंदें इस्तेमाल होती थीं और उनकी सीम खराब हो जाया करती थी। यह साफ था कि भारतीय परिस्थितियों में ड्यूक्स की बॉल नहीं चल सकतीं। इसके बाद 1993 वह साल था, जब भारत में SG बॉल से क्रिकेट शुरू हुई और इसके बाद टीम इंडिया ने अपने घर पर खेली जाने वाली क्रिकेट पर अपना वर्चस्व बना लिया।'

मोहम्मद अजहरूद्दी कहते हैं, 'गेंद पर शोर मचाने से पहले दुनिया के सभी बोलरों का अलग-अलग बॉल से अलग-अलग कंडीशंस में बोलिंग का औसत देख लीजिए। इससे आपको सही जवाब मिल जाएगा। तो इसे लेकर इतना हंगामा करने की क्या जरूरत है।' अजहर ने कहा, 'जब हमारे स्पिनर्स ऑस्ट्रेलिया जाते हैं, तो उन्हें कूकाबूरा बॉल को ग्रिप करने में मुश्किलें आती हैं। इंग्लैंड में आप देख लीजिए कि अश्विन ने किस तरह बोलिंग की और मोइन अली ने किस ढंग से बोलिंग (ड्यूक्स बॉल से) की।

हाल ही वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले गए 2 टेस्ट मैचों का उदाहरण देते हुए अजहर ने कहा, 'अगर आप 6 विकेट ले लेते हैं (राजकोट टेस्ट में कुलदीप यादव का प्रदर्शन) तो इसके बाद आप बॉल की शिकायत कैसे कर सकते हैं? यहां तक कि पेस बोलिंग में, यादव (उमेश) ने कुल 10 विकेट लिए, तो फिर आप की शिकायत किस बात को लेकर है?'

इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'मैंने पहली बार ऐसा देखा है कि भारतीय उपमहाद्वीप में खेलने वाले खिलाड़ियों को गेंद के साथ समस्या हो रही है और यह विश्वास नहीं होता कि वे क्रिकेट में वैश्विक रूप से एक ही गेंद के इस्तेमाल की बात कर रहे हैं।'

अजहर कहते हैं, 'आपको घरेलू टेस्ट सीरीज में वही गेंद इस्तेमाल करनी चाहिए, जो आपकी परिस्थितियों के अनुकूल हो। यही टेस्ट क्रिकेट की चुनौती है। मैं इंग्लैंड जाकर यह नहीं कह सकता कि हम SG बॉल से खेलेंगे। वहां आपको ड्यूक्स की बॉल से ही खेलना होगा। इसी तरह जब इंग्लैंड की टीम यहां खेलने आती है, तो उनको भी ऐसी ही चुनौती (SG बॉल) का सामना करना पड़ा है।'

अजहर कहते हैं कि 10-10 विकेट लेने के बोलरों द्वारा बॉल की शिकायत करना बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई बल्लेबाज शतक लगाने केबाद पिच की खामियों को बताता है। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत की घरेलू क्रिकेटरों द्वारा बीते साल किए गए प्रदर्शन पर भी गौर करने को कहा और बताया कि SG बॉल में कहीं कुछ खराब होने जैसा नहीं लग रहा है।