Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

मैरी कॉम लगा सकती हैं खिताब का ‘सिक्सर’, 8 बॉक्सरों को पहले राउंड में बाई

नई दिल्ली
10वीं आईबा महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप का रोमांच 15 नवंबर यानी आज से दिल्ली के केडी जाधव हाल में शुरू होगा। टूर्नमेंट के पहले राउंड में 5 बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम को 7 अन्य भारतीय मुक्केबाजों के साथ बाई मिला है। इस चैंपियनशिप में टॉप सीडिंग हासिल करने वाली मैरी कॉम एकमात्र भारतीय हैं। 
पहले दौर में बाई मिलने के बाद 48 किग्रा कैटेगरी में नंबर-2 भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम को रविवार तक रिंग में उतरने की जरूरत नहीं होगी। उनका सामना कजाकिस्तान की अल्ग्रीम कासेनायेवा और अमेरिका की जाजेल बोबाडिला के बीच होने वाली प्रीलिम राउंड के मुकाबले के विजेता से होगा। मंगोलिया की मुक्केबाज जागार्लान ओचिराबात को 48 किग्रा वर्ग में टाप सीडिंग पोजीशन मिली है। 

मैरी को दो बॉक्सर से मिलेगी टक्कर 
मैरी कॉम छठे विश्व खिताब के लिए प्रयासरत हैं और भारत की ओर से उन्हें स्वर्ण पदक का पक्का दावेदार माना जा रहा है। मैरी कॉम को ड्रॉ के सेकंड हाफ में रखा गया है। अपने स्वर्ण तक के सफर में मैरी कॉम को दो मुश्किल खिलाड़ियों-उजबेकिस्तान की जुलासाल सुल्तोनालेविया और उत्तर कोरिया की किम ह्यांग ह्यांग मी से सामना करना होगा। मी को भी पहले राउंड में बाई मिला है। ऐसे में सेमीफाइनल में मैरी कॉम का सामना मी से ही हो सकता है। मी ने एबीसी कन्फेडरेशन में रजत पदक जीता है। 

रानी और सरिता देवी को भी बाई 
भारत की ओर से रानी पिंकी (51), सोनिया (57), सरिता देवी (60), लवलीना बोगोर्हेन (69), स्वीटी (75) और सीमा पूनिया (81 प्लस) को पहले राउंड में बाई मिला है। लेकिन मनीषा (54), सिमरनजीत कौर (64) और भाग्यवती काचारी (81) को क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचने के लिए दो राउंड तक भिड़ंत करनी होगी। इनके मुकाबले मंगलवार से होंगे। 

सरिता देवी की विश्व चैंपियन से टक्कर 
भारत को पूर्व विश्व चैंपियन और पांच बार की एशियाई चैंपियन सरिता देवी से भी पदक की उम्मीद है। लाइटवेट कटेगरी में लड़ने वाली सरिता देश की दूसरी सबसे अच्छी मुक्केबाज हैं। हालांकि चौथी सीड सरिता को पदक तक के अपने सफर में मौजूदा विश्व चैंपियन चीन की यांग वेनलू और रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली रूस की अनास्तासिया बेलियाकोवा के साथ दो-दो हाथ करना होगा। 

सीमा पूनिया: एक फाइट और मेडल हो जाएगा पक्का 
हालांकि, हैवीवेट क्लास (81 प्लस) में उतर रही सीमा पूनिया इस टूर्नमेंट में भारत की इकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं जो बिना किसी परिश्रम के मेडल राउंड में उतरेंगी। पहले राउंड में बाई मिलने के कारण सीमा सीधे क्वॉर्टर फाइनल में कदम रखेंगी। क्वॉर्टर फाइनल में वह चीन की शिओल यांग के खिलाफ रिंग में होंगी। यह एकमात्र ऐसी कैटेगरी है, जिसमें 10 मुक्केबाज हैं, जिनमें से छह को बाई मिला है। सीमा को हालांकि चीन की खिलाड़ी से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इस खिलाड़ी ने जेजु और अस्थाना में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते हैं। 

51 KG: पिंकी रानी की राह मुश्किल 
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की पिंकी रानी को 51 किलोग्राम भारवर्ग में हालांकि मुश्किल का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इस भारतीय खिलाड़ी को दूसरे हाफ में जगह मिली है जहां एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता चीन की चांग युआन और इंग्लैंड के प्रतिभावान मुक्केबाज इबोनी जोंस खिताब की प्रबल दावेदार हैं। 

फेदरवेट में सोनिया को चुनौती 
फेथरवेट कैटेगरी में भारत की सोनिया को दूसरे हाफ में रखा गया है। विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण कर रहीं सोनिया को रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता चीन की यिन जुनहुआ, जर्मनी की ओरनेल गेब्रिएल वाहनेर और सीडब्ल्यूजी रजत पदक विजेता आयरलैंड की मिशेल वाल्श की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। 

लवलिना, स्वीटी और सीमा की राह नहीं आसान 
भारत की लवलिना, स्वीटी और सीमा के लिए यह टूर्नमेंट आसान नहीं होगा क्योंकि उनकी जो विपक्षी हैं वह विश्व ख्याति प्राप्त हैं। जेजू विश्व चैंपिनयशिप-2014 में रजत पदक जीतने वाली स्वीटी को रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता नीदरलैंड्स की मिरेली नाउचका फोंटजिन और अन्य यूरोपियन तथा एशियाई मुक्केबाजों से चुनौती मिलेगी। 21 साल की लवलिना को विश्व चैंपियनशिप के पिछले संस्करण की रजत पदक विजेता फिनलैंड की इलिना गुस्ताफसोन और चीनी ताइपे की चेन निएन चिन से पहले हाफ में कड़ी चुनौती मिलेगी।