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3 दिसंबर: आज ही के दिन मेजर ध्यानचंद ने दुनिया को कहा था अलविदा, जानिए कुछ खास बातें

स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद ने आज ही दिन दुनिया को अलविदा कहा था। उन्होंने 3 दिसंबर 1979 को दिल्‍ली में आखिरी सांस ली थी। मेजर ध्यानचंद देश में ही दुनिया भर में जाने जाते थे। उनके नाम से विरोधी टीम के पसीने छूट जाया करते थे। आज हम आपको उनकी डेथ एनिवर्सरी पर खास बातें बताने जा रहे है।

* 29 अगस्त 1905 की जन्मे मेजर ध्यानचंद ने दुनिया भर में अपने खेल से काफी नाम कमाया। मात्र 21 वर्ष की उम्र में उन्हें न्यूजीलैंड जानेवाली भारतीय टीम में चुन लिया गया। इस दौरे में भारतीय सेना की टीम ने 21 में से 18 मैच जीते। इस तरह भारत पर तब शासन कर रहे अंग्रेजों के सामने ध्यानचंद ने भारतीय गर्व की छाप छोड़ी।


* 23 वर्ष की उम्र में ध्यानचंद ने साल 1928 के एम्सटरडम ओलंपिक में पहली बार हिस्सा ले रही भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। यहां चार मैचों में भारतीय टीम ने 23 गोल किए।
* साल 1932 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत ने अमेरिका को 24-1 के वर्ल्ड रिकॉर्ड अंतर से हराया। इस मैच में ध्यानचंद और उनके बड़े भाई रूप सिंह ने 8-8 गोल दागे।
* इसके बाद साल 1936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद भारतीय हॉकी टीम की कमान दी गई। 15 अगस्त, 1936 को हुए फाइनल में भारत ने जर्मनी को 8-1 से धूल चटाई।


* साल 1948 में 43 वर्ष की उम्र में उन्होंने इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कह दिया।
* आपको बता दें, दुनिया के सबसे खतरनाक तानाशाह रहे हिटलर ने स्वयं ध्यानचंद को जर्मन सेना में शामिल कर एक बड़ा पद देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
* साल 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए गए।
* लेकिन उन्हें भारत रत्न नहीं दिया गया और साल 3 दिसंबर 1979 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

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