खेल डेस्क। भले ही बिहार रणजी ट्रॉफी के इस सत्र के नॉकआउट में जगह बनाने में असफल रही हो, लेकिन उसके एक गेंदबाज ने इस टूर्नामेंट का एक 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के अपने अन्तिम मुकाबले में बिहार ने मणिपुर को शिकस्त देकर टूर्नामेंट से जीत के साथ विदाई ली। इस मैच में टीम के कप्तान आशुतोष अमन ने 11 विकेट हासिल कर अपनी टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस टीम ने शून्य पर ही गंवा दिए सात विकेट
इस प्रदर्शन के दम पर ही अमन रणजी ट्रॉफी के किसी एक सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के इस सत्र में 68 विकेट हासिल किए। बिहार के कप्तान ने इस प्रदर्शन से पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी के 44 पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। स्पिन गेंदबाज बेदी ने 1974/75 के रणजी ट्रॉफी सत्र में 64 विकेट हासिल किए थे।
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वहीं रणजी ट्रॉफी के एक सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से कर्नाटक के डोडा और हैदराबाद के कंवलजीत सिंह रहे हैं। उनके नाम एक सत्र में 62 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड है।
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बिहार ने मैच के तीसरे दिन मणिपुर को तीन विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के बावजूद बिहार नॉकआउट में नहीं जगह नहीं बना सका। प्लेट ग्रुप से 44 अंकों के साथ शीर्ष पर रही उत्तराखंड ने नॉकआउट दौर में जगह बनाई। बिहार की टीम आठ मैचों में 40 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही।