इंटरनेट डेस्क। मयंक अग्रवाल ने हाल ही में कंगारू दौरे पर अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की है। मयंक अग्रवाल ने अपने डेब्यू मैच में ही कंगारू गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और टीम इंडिया को कंगारू धरती पर करीब 70 साल बाद इतिहास रचने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी।
इसी बीच कंगारू धरती पर शानदार प्रदर्शन करने वाले मयंक अग्रवाल को हाल ही में एक बहुत बड़ा तोहफा मिला है। आपको बता दें कि कंगारू दौरे पर बिना बल्ले पर स्टिकर खेलने वाले मयंक को अब स्टिकर मिल गया है। अब इस तूफानी भारतीय बल्लेबाज के बल्ले पर देश की बड़ी टायर कंपनी 'सीएट' (CEAT) का स्टिकर नजर आएंगा। मीडिया से मिल रही जानकारी के अनुसार मयंक अग्रवाल और सीएट टायर कंपनी के बीच करार हो गया है। मयंक ने स्पॉन्सर मिलने के बाद कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मेरा देश की बड़ी कंपनी के साथ करार हुआ है और मुझे गर्व है। साथ ही ये मेरे लिए सम्मान की बात है।
इससे पहले आपको बता दें कि कंगारू टीम के खिलाफ मयंक अग्रवाल को स्पॉन्सर नहीं मिला था। इसलिए मयंक अपने दो टेस्ट मैचों में बिना बल्ले पर स्टिकर लगाए मैदान में चौके छक्के लगाते नजर आएं थे। आपको बता दें कि मयंक अग्रवाल से पहले हिटमैन रोहित शर्मा, टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे सहित कई बल्लेबाज सीएट का स्टिकर बल्ले पर लगाकर मैदान में उतर चुके है। इसी बीच आपको बता दें कि बैंगलुरू के दाएं हाथ के बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट में डेब्यू किया और वहां पर दो टेस्ट मैच खेले। मयंक अग्रवाल ने इस दौरान अपने डेब्यू मैच की पहली पारी में 76 रन और दूसरी पारी मेें 42 रन बनाए थे, जोकि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय क्रिकेट का पदार्पण में सर्वोच्च स्कोर है। मयंक अग्रवाल ने कंगारूओं के खिलाफ तीन टेस्ट पारियों में 195 रन बनाएं।