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5 दिग्गज खिलाड़ी जिन्होंने देश और खेल भावना की परवाह किये बिना अपने लिए स्वार्थ में खेला कोई एक मैच

क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, आखिरी गेंद तक कोई भी इसमें सुनिश्चित नहीं कर सकता है कि मैच किस टीम के हक में जाएगा. मैच में कई तरह के पड़ाव आते है, जिसमें खिलाड़ी को खुद ही फैसले लेने पड़ते है, इसको लेकर वह किसी भी हद तक जा सकते हैं.

क्रिकेट में मैच को जीतने के लिए खिलाड़ी उस काम को भी कर डालते हैं, जो टीम और लोगों के हिसाब से सही नहीं होता है. आज ऐसे ही पांच तथ्यों के बारे में बात करेंगे जो खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न मैचों में अंजाम दिए गए है.

 

ट्रेवर चैपल के द्वारा गेंद को अंडरआर्म फेंकना-

आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए इस मैच में इस तरह का वाक्य़ा हुआ कि आस्ट्रेलिया क्रिकेट की छवि पर सीधे तौर पर असर पड़ा. इस मैच में आखिरी गेंद पर न्यूजीलैंड को जीत के लिए 7 रन चाहिए थे. तब आस्ट्रेलिया के कप्तान ग्रेग चैपल ने जीत को सुनिश्चित करने के लिए अपने भाई ट्रेवर चैपल से अंडर आर्म गेंद फेंकने के लिए कहा इस गेंद को चौंके के लिए भेजा जा सकता था, इस गेंद पर छक्का नहीं मारा जा सकता था.

ग्रेग चैपल ने इस कृत्य को कर मैच को तो जीत लिय़ा, लेकिन आस्ट्रेलिया की आक्रामकता और हार्ड वर्क की छवि को नुकसान पहुंचाया.

सीबी सीरीज के फाइनल मैच में 140 गेंद पर 100 रन बनाए-

सीबी सीरीज को फाइनल मैच में डेविड वार्नर ने इस तरह का खेल खेला, जिससे प्रतीत हुआ कि वह अपने लिए खेल रहे हैं. सीबी सीरीज के फाइनल मैच में डेविड वार्नर जो कि तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते है, लेकिन इस मैच में उन्होंने 140 गेंदो का सामना किया और 100 रन बनाए.

जब टीम को उनसे बड़े स्कोर की अपेक्षा थी, तभी 46 वें ओवर में उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया. जिससे आस्ट्रेलिया की टीम मात्र 271 रन ही बना सकी. इस मैच को श्रीलंका की टीम ने बड़ी ही आसानी से जीत लिया.

सहवाग को शतक बनाने से रोकने की कोशिश-

त्रिकोणीय सीरीज में श्रीलंका के द्वारा सहवाग को शतक बनाने से रोकने की पुरजोर कोशिश की गई. इस मैच में श्रीलंका ने 170 रन बनाए, जिसमे जवाब में उतरी भारतीय टीम के जल्दी-जल्दी 3 विकेट गिर गए.

सहवाग ने इस दौरान खेल के ऊपर एक्सीलेटर रख दिया, सहवाग किसी के रोेके नहीं रुक रहे थे, इस दौरान सहवाग ने ताबड़तोड़ पारी खेली, जब वह 99 रन पर थे, तो टीम को जीत के लिए 1 रन चाहिए था. तब ही सूरज रणदीव ने नो बाॅल फेंक दी. इस बाॅल पर सहवाग ने छक्का जड़ दिया, तो नो बाॅल का एक रन पहले जोड़ा गया और टीम को जीत मिल गई. सहवाग 99 रन पर ही रह गए, इस कृत्य के कारण सूरज रणदीव को एक मैच के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था.

मलिंगा ने सचिन को शतक बनाने से रोका-

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को इस मैच में शतक बनाने के लिए 1 रन चाहिए था, तो वहीं टीम को भी जीतने किए एक रन चाहिए था, उस समय श्रीलंका के गेंदबाज मलिंगा ने ऐसा किया कि सचिन को शतक से दूर कर दिया. हुआ ये कि टीम का स्कोर 41 वें ओवर में 226 रन था. टीम इंडिया को इस मैच को जीतने के लिए 14 रनों की आवश्यकता थी. 42 वें ओवर में सचिन ने सिंगल लेकर दिनेश कार्तिक को स्ट्राइक दे दी, चार गैंदो में कार्तिक ने एक छक्के की मदद से 6 रन बनाए. अब टीम को जीत के लिए 7 रनों की आवश्यकता थी. अब सचिन के पास स्ट्राइक थी, सचिन ने अगली गेंद पर चौका जड़ दिया, इसके बाद उन्होंने सिंगल ले लिया.

सचिन को शतक बनाने के लिए एक रन की आवश्कता थी, लेकिन मलिंगा ने वाइड गेंद फेंककर टीम इंडिया को जीत दिला दी और सचिन 99 रनों पर ही वापस लौट गए.

धोनी ने जब इंग्लैंड के खिलाफ खेल के अनुरुप खेल को नहीं खेला-

टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में जब उनसे टीम अपेक्षा कर रही थी कि वे टीम को हार के मुंह से निकाले, उस समय़ भी वह आराम से खेल रहे थे, इस मैच को भारत ने 86 रनों से गंवा दिया था. टीम के सभी प्रमुख बल्लेबाज जब आउट होकर पवेलियन वापस जा चुके थे, तब भी वह सुस्त रफ्तार से ही बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने खेल के मोड को बदलना उचित नहीं समझा, इस मैच को भारत 86 रनों से हार गया.

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