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ICC का फरमान, धोनी को ग्लव्स से हटाना होगा सेना के सम्मान का निशान

 
नई दिल्ली 

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और वर्तमान टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को आईसीसी ने बड़ा झटका दिया है. आईसीसी ने धोनी को अपने दस्ताने से 'बलिदान बैज' का निशान हटाने को कहा है.

दरअसल, धोनी ने पैरा स्पेशल फोर्सेज को सम्मान देने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया था. उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को खेले गए मैच के दौरान 'बलिदान बैज' के निशान वाला ग्लव्स पहना था जिसे आईसीसी के कहने के बाद अब उन्हें उतारना होगा.

बता दें कि 37 साल के धोनी के ग्लव्स पर 'बलिदान बैज' का चिह्न् उस समय दिखाई दिया जब उन्होंने मैच के 40वें ओवर के दौरान युजवेंद्र चहल की गेंद पर दक्षिणी अफ्रीकी बल्लेबाज एंडिले फेहलुकवायो को स्टंप्स आउट किया था.

दरअसल, उनके ग्लव्स पर दिखे इस अनोखे निशान (प्रतीक चिह्न) को हर कोई इस्तेमाल में नहीं ला सकता. यह बैज पैरा-कमांडो लगाते हैं. इस बैज को 'बलिदान बैज' के नाम से जाना जाता है.
 

क्या है बलिदान बैज?

पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के पास उनके अलग बैज होते हैं, जिन्हें 'बलिदान' के रूप में जाना जाता है. इस बैज में 'बलिदान' शब्द को देवनागरी लिपि में लिखा गया है. यह बैज चांदी की धातु से बना होता है, जिसमें ऊपर की तरफ लाल प्लास्टिक का आयत होता है. यह बैज केवल पैरा-कमांडो द्वारा पहना जाता है.
 

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी. धोनी यह सम्मान पाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं.

धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं. उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं.