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राष्ट्रमंडल खेलों का बहिष्कार करने से भारत का ‘प्रभाव’ नहीं बढ़ेगा

नयी दिल्ली
ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने रविवार को कहा कि वह 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार के पक्ष में नहीं हैं और इसकी जगह उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से अपील की कि वे निशानेबाजी को राष्ट्रमंडल खेलों के कोर खेल में शामिल कराने की दिशा में काम करें। आईओए ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए शनिवार को खेल मंत्री कीरेन रीजीजू को पत्र लिखकर बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने पर इन खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव रखा था और सरकार से स्वीकृति मांगी थी। बीजिंग ओलंपिक 2008 के स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा का हालांकि मानना है कि इस तरह के कदम से भारत का ‘प्रभाव’ नहीं बढ़ेगा। बिंद्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि बहिष्कार से आपका प्रभाव नहीं बढ़ता। यह सिर्फ आपको अप्रासंगिक बना देता हैं और खिलाड़यिों को सजा मिलती है। बेहतर होता अगर आईओए अभियान चलाकर राष्ट्रमंडल खेलों की समितियों में समर्थन हासिल करता और भविष्य में निशानेबाजी को कोर खेलों की सूची में शामिल कराने का प्रयास करता। राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी वैकल्पिक खेल हैं और सीजीएफ का तर्क है कि यह मेजबान देश का विशेषाधिकार है कि वह खेल को शामिल करे या नहीं।