Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

भारत के सुमित नागल ने जीता ब्युनस आयर्स एटीपी चैलेंजर्स, खेलमंत्री ने दी बधाई

 नई दिल्ली 
भारत के उभरते स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने इतिहास रचते हुए अर्जेंटीना में खेले गए ब्युनस आयर्स एटीपी चैलेंजर्स टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया है। 22 साल के  सुमित के करियर में घर के बाहर जीता गया अब तक का यह पहला खिताब है। सातवीं सीड सुमित ने रविवार रात खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाड़ी फाकुंडो बैगनिस को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से मात देकर खिताब अपने नाम किया। भारतीय खिलाड़ी ने एक घंटे 37 मिनट में यह मुकाबला जीता। इसके साथ ही नागल 135वीं एटीपी रैंकिंग में आ गए हैं। केंद्रीय खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने सुमित नागल को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

सुमित नागल पिछले महीने यूएस ओपन में रोजर फेडरर के साथ मुकाबले के बाद चर्चा में आए थे। नागल ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम अमेरिकी ओपन के पहले राउंड में टेनिस के बादशाह स्विटरजरलैंड के रोजर फेडरर को पहला सेट हराने के बाद सनसनी मचा दी थी। सुमित के छोटे से करियर की यह दूसरी बड़ी सफलता है, इससे पहले 2017 में उन्होंने बेंगलुरु चैलेंजर्स इवेंट भी अपने नाम किया था।
 

सुमित को हाल में बांजा लूका चैलेंजर्स के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने कोई गलती नहीं की और ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर्स खिताब जीतकर ही दम लिया। भारतीय खिलाड़ी ने 2017 में बेंगलुरु में अपना पहला खिताब जीता था। इस जीत के बाद सुमित एटीपी की ओर जारी होने वाली ताजा एटीपी रैंकिंग में 159वें नंबर से 135वें नंबर पर पहुंच जाएंगे।

सुमित के इस फाइनल मैच के दौरान अर्जेंटीना में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया और काफी संख्या में भारतीय दर्शक भी मौजूद थे, जोकि सुमित काहौसला बढ़ा रहे थे। सुमित साउथ अमेरिकन क्ले पर खिताब जीतने वाले भारतीय बन गए हैं। 
 
उन्होंने इस खिताबी जीत के बाद कहा, “यह काफी शानदार था। मैं यहां अकेले आया था। मेरे साथ मेरे कोच (सासा नेंनसेल) और ट्रेनर (मिलोस गागेलिक) भी नहीं थे। कोच के बिना खेलना मुश्किल होता है। लेकिन अब यहां ट्रॉफी उठाना मेरे लिए वाकई शानदार है और मुझे खुद पर गर्व है।”

उन्होंने कहा, “आज मैं यहां खिताब जीता हूं और अब मुझे अगले सप्ताह ब्राजील जाना है। जहां एक और चैलेंजर टूर्नामेंट खेलना है। इसलिए मेरे पास इस जीत का जश्न मनाने का समय नहीं है। मुझे अभी भी काफी मेहनत करने की जरूरत है ताकि मैं अपने प्रदर्शन में और सुधार कर सकूं।”

फौजी पिता बेटे के लिए दिल्ली में आ बसे
हरियाणा के झज्जर जिले के जैतपुर गांव निवासी सुमित के पिता सुरेश नागल फौजी हैं। उनके परिवार में कभी कोई खिलाड़ी नहीं रहा पर पिता का सपना था कि सुमित बड़ा टेनिस खिलाड़ी बने। उन्होंने आठ साल की उम्र से सुमित को टेनिस खिलाना शुरू किया। सुमित की बेहतर ट्रेनिंग लिए ही परिवार ने दिल्ली में रहना शुरू किया। सुमित की मां बताती हैं कि उनके आदर्श स्पेन के राफेल नडाल हैं और रोजर फेडरर उनके पसंदीदा खिलाड़ी।