

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज शाहिद अफरीदी ने 37 गेंदों में शतक बनाकर लोगों को चौंका दिया है। यह उस समय का सबसे तेज वनडे शतक था। अफरीदी ने लगभग 18 वर्षों तक यह नाम दर्ज किया था। वैसे, वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम दर्ज है। उन्होंने 2015 में 31 गेंदों पर शतक बनाया।
40 गेंदों में श्रीलंका के खिलाफ जमकर बल्लेबाजी करते हुए अफरीदी ने 104 रनों की पारी खेली, लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि उन्होंने जो पारी खेली वह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध थी, उस पारी में उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन की भूमिका निभाई थी। यह तेंदुलकर के बल्ले के साथ खेला गया था। लेकिन सचिन ने वकार यूनिस को अपना बल्ला गिफ्ट किया था। अफरीदी के साथ खेलने वाले अजहर महमूद का कहना है कि इस पारी के बाद अफरीदी पूरी तरह से बल्लेबाज बन गए। लेकिन इससे पहले उनकी गिनती मामूली गेंदबाजों में होती थी।

महमूद ने कुछ समय पहले कहा था कि अफरीदी ने 1996 में नैरोबी में पदार्पण किया था। मैंने भी उसी मैच में पदार्पण किया था। उस श्रृंखला में मुश्ताक अहमद घायल हो गया था और मुश्ताक को बदल दिया गया था। महमूद ने कहा था कि श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या और विकेटकीपर कुलविथारण को उन दिनों बहुत आक्रामक कहा जाता था। इस कारण हमें तीसरे नंबर पर एक आक्रामक बल्लेबाज की जरूरत थी। वसीम अकरम ने मुझे और अफरीदी को नेट्स पर अभ्यास करने के लिए कहा।
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