

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड जैसे ऐतिहासिक मैदान पर अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भारत की तरफ से बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में सर्वाथिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रहे। उन्होंने इस दौरान तीन टेस्ट मैचों में कुल 13 विकेट अपने नाम किए। सिराज ने ब्रिसबेन में खेले गए सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए दूसरी पारी में पांच विकेट चटकाए और टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में अहम किरदार निभाया। उनके इस प्रदर्शन के बाद टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने उनकी जमकर तारीफ की है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज की खोज बताया है।

शास्त्री ने कहा कि इस दौरे पर उसने काफी कुछ झेला। अपने पिता को खोया, नस्लीय टिप्पणी का शिकार हुआ, इसके बावजूद अपने खेल को प्रभावित नहीं होने दिया और टीम को ऐतिहासिक सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। सिराज ने ब्रिसबेन टेस्ट मैच में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए दूसरी पारी में पांच विकेट लिए और टीम इंडिया को यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ने उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिसके खिलाफ सिराज ने बीच मैच में शिकायत की थी और पुलिस की मदद से छह लोगों को स्टेडियम से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
ऑस्ट्रेलिया से वापस भारत आने के बाद मोहम्मद सिराज सबसे पहले अपने पिता की कब्र पर पहुंचे थे और इस दौरान वो काफी भावुक हो गए थे। इसके बाद उन्होंने अपने पिता मोहम्मद गौस की कब्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें याद किया। ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन करने पर सचिन तेंदुलकर से लेकर क्रिकेट के तमाम दिग्गज खिलाड़ियों ने इस युवा गेंदबाज की जमकर तारीफ की थी। सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों द्वारा गालियां देने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए सिराज ने कहा, 'मैंने ऑस्ट्रेलिया में गालियों का सामना किया। केस अभी चल रहा है, देखते हैं कि मुझे इंसाफ मिलता है या नहीं। मेरा काम था कि मैं कप्तान को इस घटना के बारे में बताऊं। अंपायरों ने हमें मैच को बीच में छोड़कर जाने का ऑफर दिया था, लेकिन रहाणे (भाई) ने इससे मना करते हुए था कि हमने कोई गलती नहीं की है, तो हम खेलेंगे।'
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