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क्रिकेट के मैदान पर डीआरएस आने से पहले ही विवादों में रहा था. कई देश इसे लेकर हामी नहीं भर रहे थे जिनमें भारत भी शामिल था. बाद में हालांकि भारत भी इसके लिए राजी हो गया और अब यह नियम आम है, लेकिन विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है. अब विवाद है डीआरएस में अंपार्यस कॉल को लेकर. इस पर दुनिया के शीर्ष क्रिकेटर अपनी राय रख चुके हैं. मैदान पर यह नियम काफी कन्फ्यूजन पैदा करता है. एलबीडब्ल्यू के कई फैसले इसी कारण सु्र्खियों में आए हैं. इस अंपार्यस कॉल में परेशानी यह है कि आप एक ही गेंद पर आउट भी दिए जा सकते है और नॉट आउट भी. यह निर्भर करेगा मैदानी अंपायर ने जो फैसला लिया है उस पर. अंपायर्स कॉल का फैसला डीआरएस में तब आता है जब रिव्यू में लगे की फैसला किसी भी तरफ जा सकता है और इसलिए मैदानी अंपायर के फैसले को बनाए रखने का फैसला किया जाता है. ऐसे में अगर अंपायर ने नॉट आउट दिया है तो बल्लेबाज नॉट आउट होगा और अगर आउट दिया है तो आउट होगा. लेकिन तमाम विवादों के बाद भी आईसीसी की समिति ने अंपायर्स कॉल को बनाए रखने का फैसला किया है और वह इसमें बदलाव की पक्षधर नहीं है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली क्रिकेट समिति ने आईसीसी से कहा है कि अंपायर्स कॉल का मौजूदा नियम बना रहना चाहिए. इस समिति में कुंबले के साथ भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़, महेला जयवर्धने, एंड्रयू स्ट्रॉस और शॉन पॉलक भी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इसे लेकर प्रसारणकर्ता, मैच अधिकारियों के साथ-साथ हॉक आई से भी सुझाव मांगे गए थे और इसके बाद ही यह फैसला लिया गया. इसलिए अब यह तय है कि अंपायर्स कॉल का नियम बदला नहीं जाएगा. चर्चा के बाद समिति ने माना कि बॉल ट्रैकिंग तकनीक 100 फीसदी सही नहीं है इसलिए अंपायर्स कॉल का बने रहना जरूरी है.

कोहली ने किया था विरोध
अंपायर्स कॉल को लेकर कुछ ही दिन पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि इस नियम को लेकर काफा दुविधा है. उन्होंने कहा था, ” मेरे मुताबिक अंपायर्स कॉल से अभी भ्रम की स्थिति हो रही है. जब आप किसी बल्लेबाज को बोल्ड करते है तो आप यह नहीं सोचते है कि गेंद का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा स्टंप्स से टकराए. इसलिए क्रिकेट की बुनियादी समझ से मुझे नहीं लगता कि इस पर कोई बहस होनी चाहिए. अगर गेंद स्टंप्स से टकरा रही है तो यह आउट होना चाहिए, आप इसे पसंद करे या नहीं, ऐसे में आप समीक्षा गंवा देते है.”
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