नई दिल्ली: भारत की महिला पहलवान अंशु मलिक ने नॉर्वे के ओस्लो में चल रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। अंशु मलिक प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। 57 किलोग्राम भार वर्ग में 19 वर्षीय पहलवान अंशु मलिक ने यूक्रेनी पहलवान और जूनियर यूरोपीय चैंपियन सोलोमिया विंक को 11-0 से हराया।
अंशु मलिक ने फाइनल में प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान की नीलुफर रेमोवा को एकतरफा मुकाबले में हराया। इसके बाद अंशु ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया के देवाचिमेग एर्खेम्बयार को 5-1 से हराया। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भी अंशु मलिक को ट्विटर पर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कुल चार भारतीय महिला पहलवानों ने पदक जीते हैं। इनमें 2012 में गीता फोगट, 2012 में बबीता फोगट, 2018 में पूजा ढांडा और 2019 में विनेश फोगट ने मेडल जीते हैं। लेकिन वे सभी फाइनल से पहले हार गए। इन सभी को कांस्य पदक मिले।
Anshu MALIK 🇮🇳 made HERstory with her semifinal win and became the first Indian woman to reach a world gold-medal match. #WrestleOslo pic.twitter.com/ON3Vk09ZSq
— United World Wrestling (@wrestling) October 6, 2021
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंशु मलिक महिला और पुरुष वर्ग में एक साथ होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली छठी भारतीय पहलवान बन गई हैं। इससे पहले 1967 में विशंबर सिंह, 2010 में पुरुष वर्ग में पहलवान सुशील कुमार, 2013 में अमित दहिया, 2018 में बजरंग पुनिया और 2019 में दीपक पुनिया यहां पहुंच चुके हैं।
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