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सचिन और धोनी समेत कई खिलाडी है लिस्ट में शामिल, जिनको मिला सेना में शामिल होने का मौका

स्पोर्ट्स डेस्क. अपने इस लेख में हम आपको कुछ खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने खेल की दुनिया में नाम कमाने के बाद भारतीय सेना से जुड़कर और महानता हासिल की। देश की सेवा करना हर व्यक्ति के लिए बहुत ही ज्यादा गर्व की बात होती है. कई खिलाड़ियों को भारतीय सेना भी अपने साथ जुड़ने का मौका देती है। 
* कपिल देव (Kapil Dev)
इस सूची में नाम है भारत के पहले वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव का। कपिल देव साल 2008 में भारतीय सेना के साथ जुड़े थे. उन्हें टेरिटोरियल आर्मी लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली। 
* महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni)
धोनी ने भारत को दूसरे वनडे वर्ल्ड कप का खिताब दिलाया था। एमएस धोनी को 2011 में कपिल देव की ही तरह टेरिटोरियल आर्मी से जोड़ा गया था. महेंद्र सिंह धोनी ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद कुछ समय जम्मू और कश्मीर में सेना के साथ फील्ड पर काम भी किया था। 
* राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore)
इस सूची में आगे है राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का. इन्होंने 2004 में एथेंस ओलंपिक में भारत को डबल ट्रैप इवेंट शूटिंग में सिल्वर मेडल दिलाया था. इसके अलावा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 90 के दशक में एनडीए से स्नातक किया था. वह तब से साल 2013 तक सेना में रहे और कर्नल के पद से उन्होंने रिटायरमेंट लेकर राजनीति में एंट्री की। 
* सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar)
Sachin
इस सूची में अगला नाम है महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का. सचिन तेंदुलकर को 'क्रिकेट का भगवान' भी कहा जाता है. तेंदुलकर साल 2010 में भारतीय वायुसेना में बतौर ग्रुप कैप्टन के रूप में जुड़े. सचिन तेंदुलकर देश के पहले ऐसे नागरिक हैं जिनका एविएशन का कोई बैकग्राउंड नहीं था लेकिन उन्हें यह मानद उपाधि मिली। 
* नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)
ट्रैक एंड फील्ड में भारत को पहली बार ओलंपिक गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा का नाम इस सूची में छठे नंबर पर है. आपकी जानकारी के लिए बता दें नीरज पहले से ही भारतीय सेना में है. नीरज साल 2016 में खेल कोटे से भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर सेना से जुड़े थे।  
 * अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) 
अगला नाम अभिनव बिंद्रा का है। अभिनव बिंद्रा ने साल 2008 में बीजिंग में खेले गए ओलंपिक में भारत को पहली बार व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड दिलाने का काम किया था. अभिनव बिंद्रा को साल 2011 में टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से नवाजा गया था।


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