स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2018 में अब तक खेले गए छह मैचों में पांच मैचों में हार का सामना करने के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज और कप्तान गौतम गंभीर बुधवार को कप्तान के पद से को छोड़ दिया। गंभीर के इस फैसले के बाद टीम की कप्तान युवा श्रेयस अय्यर को दी गई है। कोलकाता को 2 बार आईपीएल चैंपियन बनाने के बाद गंभीर से इसी साल अपनी घरेलू टीम में वापसी की थी लेकिन अपने व्यक्तिगत और टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के कारण टीम ने कप्तानी छोड़ दी।
बता दें कि गंभीर टूर्नामेंट के बीच में कप्तानी छोड़ने वाले पहले कप्तान नहीं है। इस से पहले भी कई खिलाड़ी अलग अलग कारणों से टूर्नामेंट के बीच में ही कप्तानी छोड़ दी थी। आइये जानते है पहले कौनसे खिलाडी बीच में ही टीम की कमान छोड़ चुके है।
डेविड मिलर, किंग्स इलेवन पंजाब (2016) -
आईपीएल के 2016 संस्करण में डेविड मिलर को कप्तानी का कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद किंग्स इलेवन पंजाब से कप्तान नियुक्त किया था। पहले 6 मुकाबलों में से 5 हार जिनमें मिलर ने केवल 76 रन बनाये थे, के बाद फ्रैंचाइज़ी ने मिलर के स्थान पर मुरली विजय को कप्तान बनाने का फैसला किया। हालाँकि टीम को कप्तान के इस बदलाव का कोई फायदा नहीं हुआ और पंजाब टूर्नामेंट खत्म होने पर 14 में से सिर्फ 4 मैच जीतने में सफल रही थी और उन्हें पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान से संतोष करना पड़ा।
शेन वाटसन, राजस्थान रॉयल्स (2015) -
2014 में राहुल द्रविड़ के रिटायर होने के बाद टीम की कप्तानी ऑस्ट्रेलियन खिलाडी शेन वाटसन को सौंपी गई थी लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। इसके बाद टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलिया के ही एक दूसरे खिलाड़ी स्टीव स्मिथ को टीम की कमान संभलाई।
शिखर धवन, सनराइज़र्स हैदराबाद (2014) -
2014 के सीज़न में सनराइजर्स हैदराबाद ने कप्तानी के बोझ के शिखर धवन को राहत दी, जब वह टीम को अपने प्रदर्शन से प्रेरित करने में नाकाम रहे। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने 10 पारी में केवल 215 रन ही बना पाए थे। इस दौरान वे एक भी अर्धशतक लगाने में सफल नहीं रहे। शिखर को कप्तानी से हटाकर टी -20 वर्ल्डकप विनर वेस्ट इंडीज के कप्तान डेरेन सैमी को उनके प्रतिस्थापन के रूप में कप्तान बनाने का फैसला किया गया।
हरभजन सिंह, मुंबई इंडियंस (2008) -
जब इस भारतीय ऑफ स्पिनर को किंग्स इलेवन पंजाब के बॉलर एस. श्रीसंथ को थप्पड़ मरने के आरोप में दोषी पाया गया तो टीम प्रबंधन ने तत्परता से टीम की कमान दक्षिण अफ़्रीकी ऑलराउंडर शॉन पोलॉक को दे दी। हरभजन को ना केवल कप्तानी से हाथ धोना पड़ा था बल्कि उन्हें अस्थाई रूप से निलंबित भी कर दिया गया था। हालाँकि हरभजन से पहले टीम के कप्तान सचिन तेंदुलकर थे लेकिन वे ग्रोइन इंजरी के कारण टीम से बाहर चल रहे थे।