Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

महेन्द्र सिंह धोनी के बारे में ये क्या बात बोल गए पार्थिव पटेल

खेल डेस्क। अक्सर यह सुना जाता रहा है कि टीम इंडिया में महेन्द्र सिंह धोनी की मौजूदगी के कारण कई भारतीय विकेटकीपरों का अन्तरराष्ट्रीय करियर परवान नहीं चढ़ सका है।

पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के राष्ट्रीय टीम में आने से पहले कुछ विकेटकीपरों ने अपने सुनहरे भविष्य की कल्पना की थी, लेकिन धोनी के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की मदद से उन विकेटकीपरों के अरमानों पर ही पानी फिर गया।

युवराज ने इस पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान को बताया बेहतरीन फुटबॉलर

धोनी के सफल अन्तरराष्ट्रीय करियर के कारण जिन विकेटकीपरों को भारतीय टीम की ओर से पर्याप्त मौके नहीं मिले उनमें दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने धोनी की टीम इंडिया में मौजूदगी के बावजूद अपने खराब प्रदर्शन को टीम में पर्याप्त मौके नहीं मिलने का प्रमुख कारण बनाया है।

मैसी की अर्जेंटीना पर मंडराया विश्व कप से बाहर होने का खतरा

2003 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पार्थिव पटेल ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि अगर हमने राष्ट्रीय टीम की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया होता तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते। हमने अच्छा प्रदर्शन किया होता तो महेन्द्र सिंह धोनी टीम इंडिया में नहीं होते। इसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं।

अब लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने बना दिया ये रिकॉर्ड

हाल ही में महेन्द्र सिंह धोनी के शानदार करियर के बारे में तमिलनाडु के विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने तो यहां तक कह दिया था कि जब महेन्द्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली थी तो उन्होंने सोचा था कि अब वह क्रिकेट से संन्यास ले लें या फिर विकेट कीपिंग को ही छोड़ दे।

दिनेश कार्तिक ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत 5 सितम्बर, 2004 को इंग्लैंड के खिलाफ एक दिवसीय मैच में से की थी। जबकि भारत के सफलतम कप्तान धोनी ने अपना पहला मैच 23 दिसम्बर, 2004 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।