आईपीएल का 11वां सीजन आधे से ज्यादा खत्म हो चुका है. इसके हर मैच में कुछ न कुछ रोमांच देखने को मिलता है. सभी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं पर टॉप पर वही चल रही हैं जिनके कप्तान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. कप्तान टीम की आत्मा होते हैं. यदि उन्हें टीम का नेतृत्व करना नहीं आता तो टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकती. आईपीएल के कप्तानो की स्थिति को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गवास्कर का भी बयान सामने अ रहा है.
कप्तान के प्रदर्शन पर टिका है टीम का प्रदर्शन

गावस्कर ने कहा – इस साल भी आइपीएल में यह देखने को मिल रहा है कि टीम के भविष्य में कप्तान की भूमिका कितनी बड़ी है. जो टीमें अंक तालिका में शीर्ष पर हैं, उनके कप्तान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में वे अपने साथ टीम को आगे बढ़ा रहे हैं. जो टीमें अंक तालिका में निचले पायदान पर हैं, उनके कप्तान खुद अपने प्रदर्शन को ऊपर नहीं उठा पा रहे हैं.
केन विलियमसन अपनी टीम को ले जा रहे हैं आगे

तालिका में सबसे टॉप पर सनराइजर्स है. अगर यह देखना है कि कप्तान किस ढंग से टीम को आगे ले जाता है, तो आपके सामने केन विलियमसन का उदाहरण है. वह न सिर्फ रन बना रहे हैं, बल्कि ठंडे दिमाग से टीम का नेतृत्व भी कर रहे हैं. वह इतने शांत हैं कि कैप्टन कूल धौनी को भी उनसे जलन हो जाए. यहां तक कि जब उन्होंने रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के खिलाफ मुकाबले में विराट कोहली का कैच छोड़ा, तब भी उनके चेहरे पर बहुत ही कम भाव देखने को मिले. अगली ही गेंद पर वह फील्डिंग में शांत तरीके से बदलाव करते दिखे.
कोहली को खल रही है धोनी, शास्त्री की कमी

कोहली की किस्मत ने ज्यादा उनका साथ नहीं दिया और यूसुफ पठान ने शानदार कैच पकड़कर रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के कप्तान को चलता किया. उस समय कोहली अपनी टीम को जीत दिलाते दिख रहे थे. सितारों से सजे बल्लेबाजी क्रम के बावजूद रॉयल चैलेंजर बैंगलोर के खिलाड़ी लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाए. टी-20 क्रिकेट में एक बार फिर से यह बात सामने आ गई कि पहले बल्लेबाजी कर रन बनाने की तुलना में बाद में दबाव में रन बनाना बेहद मुश्किल काम है. कोहली को अपनी टीम में धौनी, शास्त्री या बांगर जैसे लोगों की कमी महसूस हो रही है. ये लोग गेंदबाजी और फील्डिंग में बदलाव कर कोहली को भारत के लिए मैच जिताने में मदद करते हैं.
आश्विन हैं शानदार क्रिकेटर

रविचंद्रन अश्विन के बारे में क्या कहूं. उन्होंने दिखा दिया है कि आखिर क्यों वह शानदार क्रिकेटर हैं और जिम्मेदारी मिलने पर वह एक अच्छे कप्तान भी साबित हुए हैं. वह हमेशा से अपने खेल में काफी दिमाग लगाते हैं और प्रदर्शन में सुधार के लिए सवाल पूछने से नहीं डरते हैं. राष्ट्रीय टीम के उपकप्तान बनाए जाने से उनमें यह काबिलियत आई है, लेकिन यह चीज उनमें हर मैच के साथ अच्छी होती जा रही है. आखिर कौन सा गेंदबाज लेग स्पिन कराने की कोशिश करता है और ऐसा करते वक्त कलाई की पोजीशन पूरी तरह उलट होती है.
मुंबई का प्रदर्शन उस समय अच्छा रहता है, जब रोहित रन बनाते हैं. इसके बाद उनका आत्मविश्वास अलग ही दिखता है. उन्होंने अच्छी वापसी की है और अगर वे एक और अच्छे कप्तान वाली टीम कोलकाता को हरा देते हैं, तो अपने खिताब की रक्षा करने की उनकी संभावना बढ़ जाएगी.
The post पंजाब की हार के बाद अश्विन के कप्तानी पर उठ रहे सवालिया निशान के बीच यह दिग्गज आया सपोर्ट में, दे डाला ये चौंकाने वाला बयान appeared first on SportzWiki Hindi.