खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेट के भगवान यानी सचिन तेंदुलकर को इस पूरी दुनिया में शायद ही कोई ऐसा होगा जो न जानता होगा। इस पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अपने देश के लिए न जाने कितने ही मैच जीताएं हैं। क्रिकेट को लेकर सचिन वैसे ही हमेशा बात करते हैं और वह अन्य खेलों को लेकर भी हमेशा खिलाडिय़ों से बात करते हैं। लेकिनइस बार उन्होंने अपने देश और यहां कि खिलाडिय़ों के लिए कहा है कि भारत खेलों को चाहने वाला देश है लेकिन अब उसे खेल खेलने वाला देश बनना चाहिए।
सचिन तेंदुलकर ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही। सचिन तेंदुल्कर ने नवी मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ;मैं हमेशा कहता रहा हूं कि भारत को खेल खेलने वाला देश बनना चाहिए।
हमारे देश को खेलों से लगाव है लेकिन हमें अब बदलने की जरूरत है और हमें खेलना शुरू करना चाहिए। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हमेशा अच्छी होती है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि, ; शारीरिक फिटनेस और मानसिक फिटनेस से एक स्वस्थ इंसान बनता है। मुझे याद है जब में छोटा था तो मेरी दादी कहा करती थी कि स्वास्थ्य ही धन है।
बाद में इस दिग्गज बल्लेबाज ने मॉल में बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों से नियमित तौर पर खेल खेलने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान जब मॉल में हर तरफ से सचिन-सचिन की आवाजे आ रही थी तो सचिन भी इन्हे सुनकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है कि एक बार फिर मैं स्टेडियम में पहुंच गया हूं।