टेस्ट क्रिकेट में रोमांच लाने के लिए डे नाईट टेस्ट का का आईडिया लाया गया. पहला डे नाईट टेस्ट मैच 27 नवंबर 2015 को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया था. तब से लेकर अभी तक कई डे नाईट टेस्ट मैच खेले गए हैं. लेकिन इस समय दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम भारतीय क्रिकेट टीम ने एक भी डे नाईट टेस्ट मैच नही खेला है.
ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम को डे नाईट टेस्ट मैच खेलना का प्रस्ताव रखा गया था. लेकिन अब ये साफ हो गया है कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में पिंक बॉल से होने वाला डे नाईट टेस्ट मैच नही खेलेगी. पहले ऐसी ख़बरें आयी थी कि इसके लिए कोच रवि शास्त्री ने मना कर दिया है. मगर अब प्रशासनिक समिति के सदस्य विनोद रॉय ने साफ किया है कि इसमें भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की सहमति भी शामिल है.
ये कहा विनोद रॉय

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायी गयी प्रशासनिक समिति के सदस्य विनोद रॉय ने कहा ”पिंक बॉल से ना खेलने का निर्णय खिलाड़ियों से परामर्श के बाद लिया गया है. क्योंकि उनकी राय लेना जरुरी है”
इसके साथ ही रॉय ने कहा ”दुनिया में लोग जीतने के लिए खेलते हैं. हो सकता है 50 साल पहले भारत ड्रा के लिए खेलता हो. लेकिन अब हमारे पास अच्छी टीम है और हमारा उद्देश्य सिर्फ जीतने पर है”
खिलाड़ियों से फीडबैक लेने के बाद रवि शास्त्री 12 अप्रैल को विनोद रॉय से मिले. इस दौरान उन्होंने रॉय को बताया कि ”टीम इस समय आने वाले 2019 के वर्ल्ड कप पर फोकस कर रही है. इसलिए पिंक बॉल से प्रैक्टिस के लिए अभी टीम तैयार नही है”

विनोद रॉय ने जब शास्त्री से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की है तो शास्त्री ने कहा कि उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा से इस बारे में बात की है.
इसके साथ ही रवि शास्त्री का कहना है कि इसके लिए एक्सपेरिमेंट किया जा सकता है. ऐसा करने में कोई नुकसान नही है. लेकिन एक्सपेरिमेंट घरेलू क्रिकेट में किया जाए ना कि अन्तर्राष्ट्रीय मैच में.
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