ख़राब प्रदर्शन के चलते दिल्ली डेयरडेविल्स प्ले ऑफ में जगह नही बना पायी. इस बार जब दिल्ली डेयरडेविल्स ने गौतम गंभीर को कप्तान बनाया था तो ऐसा माना जा रहा था कि दो बार कोलकाता नाईट राइडर्स को आईपीएल का ख़िताब जिताने वाले गौतम गंभीर दिल्ली डेयरडेविल्स की किस्मत बदल देंगे. लेकिन ऐसा नही हुआ. लगातार दिल्ली को मिली हार के चलते गंभीर ने कप्तानी छोड़ दी थी. जिसके बाद युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को टीम का नया कप्तान चुना गया था. हालांकि इसके बाद भी दिल्ली डेयरडेविल्स ज्यादा मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रही.
गौतम गंभीर ने अब कप्तानी छोड़ने को अपनी नैतिक जिम्मेदारी बताया है. उनका कहना है कि इसका मतलब ये नही है कि मुझे अपने आप पर विश्वास नही है.
ये कहा गौतम गंभीर ने

गंभीर ने कहा ”अगर मुझे खुद पर विश्वास ना होता तो शायद मैं इस खेल में नही होता. यह मैंने नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए किया. 6वां मैच था जब मैंने कप्तानी छोड़ी थी. मैं चाहता था कि किसी और को मौका मिले. अगर मैं सातवें या आठवें मैच के बाद ये करता तो ये डैमेज कंट्रोल होता. लेकिन अभी ऐसा नही है”

इसके साथ ही उन्होंने कहा ”इससे किसी को अवसर मिला कि वह कुछ बदलने की कोशिश कर सके. उस समय हमारे पास प्ले ऑफ़ में जाने का मौका था. ऐसा नही था कि हम प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं और मैंने डैमेज कंट्रोल किया है”
बता दें कप्तानी छोड़ने के बाद गंभीर ने एक भी एक भी मैच नही खेला. इससे पहले वह अपनी ख़राब फॉर्म में भी नज़र आए. वह छ मैचों में सिर्फ 85 रन ही बना पाए थे. जिसमें एक 55 रनों का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी शामिल है.
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