खेल डेस्क। डब्ल्यूडब्ल्यूई के लिए वैसे तो कहा जाता है कि ये आदमियों का खेल है लेकिन इस खेल में औरते भी न सिर्फ बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती है बल्कि अपने समकक्ष महिला पहलवान को नए नए दाव लगाकर उन्हे चित भी करती है। इस बार भी एक महिला पहलवान डब्ल्यूडब्ल्यूई की रिंग में अपनी समकक्ष महिला पहवान को अपने दावों से उन्हे चित करती हुई नजर आएगी। इस पहलवान की खास बात ये कोई और नहीं बल्कि पहली भारतीय महिला रेसलर होगी जो डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में उतरेगी।
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जानकारी के अनुसार डब्ल्यूडब्ल्यूई अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में भारत की पहली महिला रेसलर कविता देवी अपना दमखम दिखाएगी। डब्ल्यूडब्ल्यूई अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिंग में उतरने वाली वे भारत की पहली भारतीय महिला है कविता हैं। आपको बता दें कि कविता छह वर्षिय बेटे की मां भी है। कविता को इस रिंग तक पहुंचने के लिए काफी मश्कत करनी पड़ी है। उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूडब्ल्यूई में हार्ड केडी के नाम से चर्चित कविता देवी तीन साल के अनुबंध के तहत अमेरिका में ट्रेनिंग ले रही हैं।
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यहां आपकोंं बता दें कि कविता पारंपारिक भारतीय परिधान सूट-सलवार में मैदान में उतरती हैं। कविता ने एक साक्षातकार के दौरान कहा, ;मुझे अपनी भारतीय संस्कृति के परिधान सलवार और कमीज पहनकर रिंग में उतरने पर गर्व है। सलवार कमीज पहननकर रिंग उतरने वाली मैं अकेली महिला हूं। कपड़ों को लेकर भारत की कई लड़कियां डब्ल्यूडब्ल्यूई कुश्ती स्पर्धा में जाना पसंद नहीं करती हैं। मैंने इस रूपक को तोड़ दिया है और अब हमारे देश की लड़कियां ज्यादा प्रेरित हो रही हैं। सलवार-सूट पहनाना उनके प्रदर्शन में कभी अड़चन नहीं बन पाया। छह साल के बेटे की मां कविता की शादी वर्ष 2009 में एक रूढि़वादी परिवार में हुआ, जहां परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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छोटे किसान परिवार में पांच भाई-बहनों के साथ पली-बढ़ी कविता का बचपन कठिनाइयों में बीता। हरियाणा के जींद जिला स्थित मालवी गांव की पक्के इरादों वाली हरियाणवी जाट बालिका डब्ल्यूडब्ल्यूई सर्कल में अपना दम दिखाने को प्रतिबद्ध है। उनके प्रशिक्षक व उस्ताद ग्रेट खली (दलीप सिंह राणा) और जिंदर महल दोनों डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियन रहे हैं। उन्होंने अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ख्याति फैलाई है। कविता (34) ने 2016 में दक्षिण एशियाई गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। कविता का वजन 75 किलोग्राम और कद पांच फिट नौ इंच है। हालांकि कविता का ध्यान ओरलैंडो स्थित डब्ल्यूडब्ल्यूई परफॉरमेंस सेंटर में पूरी तरह अपने प्रशिक्षण और आगामी स्पर्धा पर केंद्रित है, मगर उन्हें अपने देश में छोड़ आई अपने बेटे की याद आती है। कविता ने कहा, ;मैं कठिन प्रशिक्षण व परीक्षण के दौर से गुजरते हुए यहां पहुंची हूं। मुझे इस बात का गर्व है कि मैं लड़कियों को इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा दे पा रही हूं। लड़कियों को मुझसे प्रेरणा ग्रहण करते देखना प्रशंसनीय है।