सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति को समझ पाना आज भी मुश्किल है. धोनी मैच के दौरान कुछ ना कुछ योजना बनाते रहते हैं. कई बार लोगों को उनके निर्णय समझ में भी नही आते हैं. लेकिन कैप्टन कूल जो भी निर्णय लेते हैं उसके पीछे उनकी कोई ना कोई योजना जरुर रहती है.
रविवार को किंग्स इलेवेन पंजाब और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हुए मैच में धोनी ने दीपक चाहर और हरभजन सिंह को उपर बल्लेबाजी के लिए भेज सभी को चौंका दिया. लेकिन उनका ये फैसला भी सही साबित हुआ. दीपक चाहर ने 20 गेंदों पर 39 रनों की जबरदस्त पारी खेली. हालांकि हरभजन सिंह 22 गेंदों पर 19 रन ही बना पाए.
मगर चाहर की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने मैच सीएसके के पक्ष में कर दिया था. जिससे वह पांच विकेट से जीत दर्ज करने में सफल हुई. मैच के बाद धोनी ने चाहर और हरभजन को उपर भेजने की योजना के बारे में बताया.
धोनी ने इस वजह से हरभजन और चाहर को दिया था मौका

मैच के बाद धोनी ने कहा
”अगर एक कप्तान के नजरिए से देखें तो अंकित(किंग्स इलेवन के गेंदबाज) के लिए गेंद स्विंग हो रही थी. ऐसे में जब गेंद स्विंग हो रही हो तो आप ज्यादा से ज्यादा विकेट लेना चाहते हैं. तो हरभजन और चाहर को भेजने का मकसद हड़बड़ी पैदा करना था.”

आगे धोनी ने कहा
”जैसे ही हरभजन और चाहर बल्लेबाजी के लिए गए तो गेंदबाजों ने उनके खिलाफ योर्कर और बाउंसर का इस्तेमाल किया. जबकि जब बल्लेबाज खेल रहे थे, तो वह सही लाइन लेंथ से सटीक गेंदबाजी कर रहे थे. लेकिन चाहर और हरभजन के सामने उन्होंने अपनी लाइन लेंथ खो दी थी”
यहां पर धोनी के कहना का मतलब ये है कि जब लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज खेलने के लिए आते हैं तो गेंदबाज उन्हें जल्दी आउट करने के चक्कर में योर्कर और बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में उनसे गलतियां होती हैं, जिसका फायदा दीपक चाहर और हरभजन ने बखूबी उठाया. इसके साथ ही धोनी ने कहा अगर आगे के मैचों में उन्हें मौका मिलता है तो वह अच्छा कर सकते हैं.
वहीं जब भोगले ने उनसे छक्का लगाकर मैच खत्म करने के बारे में पूछा तो धोनी ने मुस्कराते हुए कहा, कि
“नहीं ऐसा नहीं है, उस समय सभी फिल्डर पास थे और वो सिंगल बचाने की कोशिस कर रहे थे, ऐसे में बाउंड्री खेलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प था.”
The post हर्षा भोगले को महेंद्र सिंह धोनी ने बताया वाहवाही नहीं बल्कि इस वजह से छक्का लगाकर खत्म किया पंजाब के खिलाफ मैच appeared first on SportzWiki Hindi.