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IPL फाइनल में छठी बार बना ये ‘अद्भुत संयोग’

नई दिल्ली
सनराइजर्स हैदराबाद ने शुक्रवार को कोलकाता नाइट राइडर्स को 14 रनों से हराकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें सत्र के फाइनल में जगह बना लिया है। जहां उसका मुकाबला 27 मई यानी रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में चेन्नै सुपर किंग्स के साथ होगा। 11 सीजन में से यह छठा मौका है, जब टूर्नमेंट का फाइनल मुकाबला पॉइंट्स टेबल में टॉप पर रहीं दो टीमों के बीच खेला जाएगा। 

पहली बार ऐसा संयोग 2011 में देखने को मिला था, जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नै सुपर किंग्स फाइनल में पहुंची थी। रोचक बात यह है कि धोनी की कप्तानी वाली चेन्नै सुपर किंग्स की टीम 6 में से 4 बार शामिल रही है। उसके बाद मुंबई इंडियंस की टीम 3 बार ऐसा करने में सफल रही है। 

टॉप की दो टीमें कैसे पहुंचती हैं फाइनल में
यदि किसी प्रकार की गफलत है तो आपको बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग के पॉइंट टेबल में टॉप पर रहने वाली दो टीमों को फाइनल में पहुंचने के लिए दो मौके मिलते हैं। टूर्नमेंट की फाइनल की टीमें क्वॉलिफायर-1, एलिमिनेटर और क्वॉलिफायर-2 से निर्धारित होती हैं। 

पहला क्वॉलिफायर पॉइंट टेबल में टॉप पर रहने वाली दो टीमों के बीच होता है। इस मैच की विजेता टीम फाइनल में पहुंच जाती है, जबकि हारी हुई टीम एलिमिनेटर (यानी तीसरे और चौथे नंबर की टीम के बीच हुए मुकाबले की विजेता) से क्वॉलिफायर-2 खेलती है। अगर वह जीत जाती है तो फाइनल में पहुंच जाती है। 

कब-कब हुआ है ऐसा
2011: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर vs चेन्नै सुपर किंग्स 
2013: चेन्नै सुपर किंग्स vs मुंबई इंडियंस 
2014: किंग्स इलेवन पंजाब vs कोलकाता नाइट राइडर्स 
2015: चेन्नै सुपर किंग्स vs मुंबई इंडियंस 
2017: मुंबई इंडियंस vs राइजिंग पुणे सुपरजायंट 
2018: सनराइजर्स हैदराबाद vs चेन्नै सुपर किंग्स