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इन खास वजहों से अंडर- 19 टीम इंडिया में चुने गए हैं अर्जुन तेंडुलकर

नई दिल्ली
गुरुवार को जब श्री लंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम का ऐलान हुआ, तो दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के बेटे अर्जुन तेंडुलकर के लिए यह लम्हा खास रहा। तेंडुलकर जूनियर को पहली बार भारतीय टीम की अंडर 19 टीम में जगह जो मिली है। अर्जुन के राष्ट्रीय जूनियर टीम में चुने जाने के पीछे दो वजहें खास रहीं। एक तो भारत की अंडर 19 और इंडिया A के कोच राहुल द्रविड़ के टीम चयन को लेकर खास निर्देश और दूसरा अर्जुन का जेन्युइन फास्ट बोलर होना उनके हक में रहा।
   
सूत्रों की मानें, तो अंडर 19 टीम चयन के बाद सिलेक्शन कमिटी से जुड़े एक सूत्र से जब अर्जुन के चयन पर सवाल पूछा गया तो इसकी वजह साफ हो गई। सवाल था कि आखिर अर्जुन को अंडर 19 टीम में यह मौका कैसे मिला, जबकि कूच बिहार ट्रोफी में उनका परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा था। इस ट्रोफी में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह 43वें स्थान पर ही थे?

इस सवाल पर सूत्र ने बताया, 'अगर आप चयन किए हुए खिलाड़ियों की लिस्ट देखें, तो आप पाएंगे कि इन खिलाड़ियों में अर्जुन ही ऐसा बोलर है, जो क्विक फास्ट बोलर है, जिसने 15 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए हैं। जिन बोलर्स के खाते में अर्जुन से ज्यादा विकेट हैं वह स्पिन बोलर्स हैं। इसके अलावा अजय देव गौड (33 विकेट) ऐसे बोलर हैं, जो पूर्ण रूप से ऑलराउंडर हैं। लेकिन अजय स्लो मीडियम पेस बोलर है, जबकि अर्जुन तेज गेंदबाज।'

इसके अलावा इस सूत्र ने यह भी बताया कि अभी हाल ही में वेस्ट और साउथ जोन के जोनल मैच उना में हुए हैं। इन मैचों में तेंडुलकर जूनियर का परफॉर्मेंस काबिले तारीफ रहा है और उन्होंने यहां एक मैच में 37 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए, जिनमें से 3 विकेट एक ही स्पेल में लिए थे। कई लोगों को यह बात नहीं मालूम कि उना में जोनल मैच चल रहे हैं और यहां अर्जुन ने शानदार परफॉर्मेंस कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।

इसके अलावा अंडर 19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ की ओर से खिलाड़ियों के चयन को लेकर यह साफ निर्देश थे कि जो खिलाड़ी19 साल की उम्र को पार कर चुके हैं, उन्हें टीम में न चुना जाए, भले ही उनका परफॉर्मेंस शानदार रहा हो। राहुल के अनुसार, उम्र में 19 पार हो चुके खिलाड़ियों को रणजी ट्रोफी में खेलने के अवसर देने चाहिए। इस कारण ऐसे कई युवा खिलाड़ियों को इस टीम में नहीं चुना गया, जिनका परफॉर्मेंस इस सीजन अर्जुन से बेहतर रहा है। राहुल द्रविड़ का यह फैसला अर्जुन के हक में गया।

द्रविड़ चाहते हैं कि 19 पार हो चुके खिलाड़ी रणजी टीम में खेलकर दूसरे सीनियर खिलाड़ियों के साथ अपने खेल को निखारें। बता दें कि अर्जुन सचिन तेंडुलकर के करीबी दोस्त सुब्रतो बैनर्जी की देखरेख में अपनी फास्ट बोलिंग की कला को निखार रहे हैं।