नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में भारत के लिए सन 1983 और 2011 बहुत ही ख़ास है क्योकि भारत ने पहला वर्ल्ड कप कपिल देव के अगुवाई में जीता था तो वही दूसरा वर्ल्ड कप महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में जीता था। हर भारतीय फैन्स को 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में धोनी की नाबाद 91 रनों की शानदार पारी याद होगी।
यह बात भी सबको पता है की शुरुआत के दिनों में धोनी नंबर सात पर बैटिंग करने आते थे लेकिन ये बहुत कम लोगों को याद होगा कि वर्ल्ड कप फाइनल मैच में धोनी चार नंबर पर बैटिंग करने आए थे। धोनी से पहले युवराज बैटिंग करने वाले थे मगर ऐन मौके पर उन्हें रोक दिया दिया गया और धोनी को भेजा गया। जिस खिलाड़ी ने धोनी को चौथे नंबर पर भेजा था वो कोई और नहीं बल्कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर थे।
सचिन ने ही तब उप कप्तान वीरेंद्र सहवाग से कहा था कि धौनी से कहो कि विराट कोहली आउट होते हैं तो दायें हाथ का बल्लेबाज भेजना और अगर गौतम गंभीर आउट होते हैं तो बायें हाथ का यानी युवराज सिंह।
इस बात का खुलासा विक्रम साठ्ये के चैट शो ‘व्हाट द डक’ में वीरेंद्र सहवाग ने खुद किया। इस शो में वीरेंद्र सहवाग के साथ सचिन तेंदुलकर भी मौजूद थे।
वीरेंद्र सहवाग ने आगे बताया, यह कहने के बाद सचिन बाथरूम चले गए। इस बीच विराट कोहली आउट हो गए। सचिन की बात को मानते हुए महेंद्र सिंह धौनी ने युवराज सिंह को रोक कर खुद क्रीज पर उतरने का फैसला किया। इसके बाद जो हुआ वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया।
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