क्रिकेट में समय-समय पर नशीली दवाईयों के सेवन को लेकर क्रिकेटरों पर शिकंजा कसा गया है। कई खिलाड़ी अब तक ऐसे रहे हैं जो नशीली दवाईयों का सेवन कर मैदान में अपना शक्ति प्रदर्शन करने उतरते हैं। इनमें से कई खिलाड़ी नप जाते हैं तो कुछ बच निकलते हैं। लेकिन क्रिकेट ही नहीं सभी खेलों में डोपिंग प्रतिबंधित है।

एक युवा भारतीय खिलाड़ी फंसा डोपिंग मामले में
भारतीय क्रिकेट में डोपिंग का एक और नया और ताजा मामला सामनें आया है। भारतीय क्रिकेट के एक घरेलु क्रिकेटर पर नशीली दवाई का सेवन करने का आरोप लगा है जिसकी जांच के बाद उन पर बीसीसीआई ने कार्यवाही करते हुए कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया।

पंजाब के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक गुप्ता पर लगा नशीली दवाई लेने का आरोप
पंजाब के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक गुप्ता डोपिंग मामले में फंसे हैं। 27 साल के पंजाब के युवा प्रतिभाशाली क्रिकेटर अभिषेक गुप्ता को अनजाने में नशीली दवाई का सेवन करने के दोषी पाया गया है।
अभिषेक गुप्ता पर बीसीसीआई ने कार्यवाही करते हुए उन्हें 8 महीनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। अभिषेक का ये निलंबन 15 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 14 सितंबर तक चलेगा।

अभिषेक गुप्ता ने अनजाने में लिया टर्बेटलाइन पदार्थ
अभिषेक गुप्ता के द्वारा टर्बेटलाइन दवाई का सेवन करना पाया गया है जो उनके द्वारा अनजाने में लिया गया है। बीसीसीआई ने अपने बयान में इसको लेकर कहा कि गुप्ता ने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ (टर्बेटलाइन) लिया है। जो आमतौर पर खांसी के सिरप में पाया जाता है।

अभिषेक गुप्ता पर लगा 8 महीनों का प्रतिबंध
बीसीसीआई अभिषेक गुप्ता के बयान से संतुष्ट है। बीसीसीआई ने कहा कि
“गुप्ता ने 15 जनवरी को नई दिल्ली में घरेलु टी-20 प्रतियोगिता के दौरान बीसीसीआई के एंटी डोपिंग कार्यक्रम में हिस्से के रूप में अपने मूत्र का नमूना प्रदान किया था। उसके इस नमूने की बाद में जांच की गई और इसमें टर्बेटालाइन होना पाया गया।“

गुप्ता ने नशीली दवाई का सेवन करना स्वीकारा
“इसके बाद 17 अप्रैल 2018 को मि. गुप्ता पर बीसीसीआई ने एंटी डोपिंग नियम के अनुच्छेद 2.1 के तहत एंटी-डोपिंग ने आरोप लगाया था। गुप्ता ने एडीआरवी के सामने स्वीकार किया और आरोप का जवाब देकर कहा कि ये अनजाने में लिया था। क्योंकि डॉक्टर के द्वारा उनके लिए निर्धारित टर्बेटालाइन युक्त दवाई के इंजेक्शन लेने को वो अनजान थे।“
गुप्ता के द्वारा अनजाने में किया गया इसके सेवन, बीसीसीआई जवाब से संतुष्ट
बीसीसीआई के अधिकारी ने आगे कहा कि
“बीसीसीआई गुप्ता के स्पष्टीकरण से संतुष्ट है कि यूआरटीआई के इलाज के लिए अनजाने में टेर्बाटलाइन ले लिया था न कि प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाई के रूप में। सभी सबूतों पर विचार करने और बाहरी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद बीसीसीआई ने गुप्ता के एडीआरवी के कारण के स्पष्टीकरण को स्वीकार किया है।”

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