मास्को। अर्जेंटीना के सुपरस्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी का अपनी टीम की ओर से विश्व कप 2018 में ग्रुप-डी के पहले मुकाबले में जलवा देखने को नहीं मिला। इस कारण अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को भी विश्व कप में पदार्पण कर रहे आइसलैंड के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ खेलना पड़ा।
स्पार्टक स्टेडियम में दर्शकों को मेसी के जादुई खेल की पूरी उम्मीद थी, लेकिन अर्जेंटीना का यह खिलाड़ी अपनी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। स्टेडियम पर ;मेसी-मेसी के नारों को सुना जा सकता था, लेकिन बार्सिलोना का यह सुपरस्टार खिलाड़ी दर्शकों की उम्मीदों को पूरा नहीं कर सका।
विश्व के दिग्गज खिलाडिय़ों में शूमार मेसी के दूसरे हाफ (65वें मिनट) में पेनल्टी को चूकने के बाद दर्शकों में निराशा साफ देखी जा सकती थी, इन पेनल्टी का आइसलैंड के गोलकीपर हानेस होलडोरसन ने शानदार तरीके से बचाव किया। इस गोल को बचाने के साथ होलडोरसन आइसलैंड के हीरो बन गए, क्योंकि टीम विश्व कप के अपने पहले मैच में ही विश्व की शीर्ष टीमों में शामिल अर्जेंटीना के खिलाफ अंक जुटाने में सफल रही।
पिछली बार ब्राजील में हुए विश्व कप की उपविजेता अजेंटीना इस मैच में अपनी ख्याति के अनुसार प्रदर्शन करने में नाकाम रही और मौकों का फायदा नहीं उठा सकी और उसके खिलाडिय़ों में आक्रामकता की कमी रही।
हालांकि दो बार की विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना की ओर से सर्गियो एगुएरो ने 19वें मिनट में गोल दाग अपनी टीम को बढ़त दिलाई। अर्जेंटीना की यह बढ़त ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी और आइसलैंड जैसी कमजोर टीम के स्टार रहे एल्फ्रेड फिनबोगासन (23वें मिनट) ने विश्व कप का पहला गोल किया। इससे आइसलैंड ने स्कोर एक-एक कर दिया।
इसके बाद दोनों ही टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका। जबकि मैच जीतने के लिए अर्जेंटीना के खिलाडिय़ों ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की। आइसलैंड के खिलाडिय़ों ने अपनी बैकलाइन की बदौलत अर्जेंटीना जैसी धुरंधर टीम को गोल से दूर रखा। मैच के दौरान अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना भी मैदान पर मौजूद थे।