नई दिल्ली
निजनी नोवरोगोद में क्रोएशिया के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में लियोनेल मेसी और उनकी टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। क्रोएशिया के खिलाफ अहम मुकाबले की शुरुआत से पहले राष्ट्र गान के वक्त लियोनेल मेसी जिस तरह से तनाव में अपने माथे को रगड़ रहे थे, वह उनकी मन:स्थिति को बयां करने के लिए काफी था। वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में वह पेनल्टी किक पर गोल नहीं कर पाने के बाद से दबाव में आ गए थे और इसका असर दूसरे मैच में दिखा जहां वह दबाव में पूरी तरह से बिखर गए।
इस मैच के बाद टीवी चैनलों पर उनकी आलोचना शुरू हो गई और लोग कहने लगे कि वह बीमार हैं और थक चुके हैं जबकि कुछ ने कहा कि वह निराश हैं। हालांकि कुछ उनके सपॉर्ट में भी नजर आए। हिगुएन बार-बार बोलते दिखे कि मेसी ने 300 गोल किए हैं और कभी कभी मिस हो जाता है। उन्होंने साथ ही कहा कि मेसी पर कॉमेंट कई बार दुख देते हैं।
कहां हुई गलती?
मेसी इस मैच में अपने रंग में नजर नहीं आए और उनके शॉट गोल की तरफ होने बावजूद नेट में नहीं जा सके। इस वर्ल्ड कप में किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा उनके गोल शॉट (12) हैं लेकिन किसी को भी गोल में तब्दील नहीं कर सके। इसके अलावा नैशनल टीम के कोच में लगातार बदलाव भी इसका कारण माना जा रहा है।
कोच जॉर्ज संपाओली पिछले 2 साल में अर्जेंटीना के तीसरे कोच हैं। माना जा रहा है कि लगातार कोच बदलने से अस्थिरता आई। टीम के कुछ फुटबॉलरों ने कहा था कि वह 3-2-3 की रणनीति के तहत नहीं खेलना चाहते, लेकिन संपाओली ने इसे क्रोएशिया के लिए बरकरार रखा। इससे भी मेसी के खेल पर प्रभाव पड़ा।
11 वर्ल्ड कप के बाद पहली बार
11 वर्ल्ड कप के बाद यह पहली बार हुआ है जब अर्जेंटीना की टीम अपने शुरुआती दोनों मैच जीतने में नाकाम रही। इसके अलावा मेसी भी काफी शांत नजर आए। लियोनेल मेसी को वर्ल्ड कप में 647 मिनट बिना गोल किए हो चुके हैं। मेसी ने साल 2014 में आयोजित वर्ल्ड कप में नाइजीरिया के खिलाफ अंतिम ग्रुप स्टेज मैच में अपना पिछला गोल किया था, तब से अब तक वर्ल्ड कप में 6 मैच खेल चुके हैं। मसी का 93.3 मिनट प्रति गोल ऐवरेज है बार्सिलोना की ओर से खेलते हुए जबकि वर्ल्ड कप में यह ऐवरेज करीब 3 गुना ज्यादा है।