भारतीय टीम में किसी सीरीज के शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर रवि शास्त्री ने एक ऐसा चाबुक चला था जो कई खिलाड़ियों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है. बकौल शास्त्री – जो भी खिलाड़ी यो-यो टेस्ट में फेल होगा उसे किसी भी तरह टीम ने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

अभी हाल में ही हुए इस परीक्षण में अफगानिस्तान के साथ होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए खिलाड़ियों का परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी फेल हो गए और उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.इसके साथ ही इंडिया ए टीम के संजू सैमसन को भी यो यो टेस्ट में फेल होने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया.

रवि शास्त्री के मुताबिक हम लोग विचार कर रहे है कि यो यो टेस्ट के बार को 16.1 से बढाकर 16.3 कर दिया जाए जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस पर और गहनता से जांच की जा सके.
इस बदलाव के लिए चयन समिती और बोर्ड के बीच बातचीत चालू है, हम विदेशी दौरे और अगले साल होने वाले विश्वकप के पहले इसमें बदलाव लाना चाह रहे है. इस बदलाव के आने से खिलाड़ियों की फिटनेस को और बारीकी से जांचा जा सकेगा.

पिछले साल युवराज सिंह और सुरेश रैना को भी यो यो टेस्ट में फेल हिने के बाद टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गाया था.
रवि शास्त्री ने बताया कि हम लोग फिटनेस को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते है. हम नहीं चाहते की किसी दौरे के बीच में हमें इस समस्या से गुजारना पड़े इसलिए हम इन सभी नियमों को कार्यान्वित कर रहे है.
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