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यो-यो टेस्ट पास करने के लिए भारतीय टीम से भी ज्यादा इन देशो के खिलाड़ियों को करना होता है स्कोर

फिटनेस किसी भी खेल में सफलता की सबसे बड़ी गारंटी होती है। एक खिलाड़ी के लिए फिट होना उतना जरूरी है जितना कि किसी इंसान के लिए सांस लेना। जो खिलाड़ी फिट नहीं होता उसकी कोई जगह नहीं होती है। तभी तो भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड ने भारतीय क्रिकेटरों के लिए यो-यो टेस्ट जैसी बहुत ही मुश्किल फिटनेस प्रक्रिया का प्रारंभ किया है।

यो-यो टेस्ट का हो रहा है टेस्ट

लेकिन यो-यो टेस्ट की प्रक्रिया को लेकर इन दिनों भारतीय क्रिकेटरों के बीच हाय-तौबा मची हुई है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए बीसीसीआई ने यो-यो टेस्ट की मुश्किल बाधा पार करने के लिए 16.1 अंक निर्धारित किया है। इसके बाद भी कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो इस बाधा को पार करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। और उसी नाकामी के बाद यो-यो टेस्ट की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया की शीर्ष टीम से कम करने पड़ते हैं अंक हासिल

लेकिन आज हम आपको एक वास्तविकता से रूबरू करवाने जा रहे हैं। यो-यो टेस्ट जैसी प्रक्रिया ही क्रिकेट की दुनिया में दूसरे देश भी फिटनेस के लिए अपनाते हैं। क्रिकेट के कुछ टॉप की टीमों में बीसीसीआई के द्वारा निर्धारित किए गए अंक से ज्यादा अंक हासिल करने होते हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान के खिलाड़ियों के लिए भी भारतीय खिलाड़ियों से ज्यादा अंक हासिल करना अनिवार्य है।

सभी प्रमुख टीमों को हासिल करने होते हैं भारत से ज्यादा अंक 

आपको बताते हैं कि यो-यो टेस्ट प्रक्रिया में दूसरी कई प्रमुख टीमें भारतीय खिलाड़ियों के द्वारा निर्धारित किए गए अंको से आगे हैं। इसमें सबसे ज्यादा अंक न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के जुटाने होते हैं। जिन्हें फिटनेस टेस्ट साबित करने के लिए 19 अंक हासिल करने होते हैं उसी तरह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए भी इतने ही अंक हैं तो वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों के लिए 18.5 अंक, श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के लिए 17.4 अंक अनिवार्य हैं।

पाकिस्तान के भी हैं भारतीय टीम से ज्यादा अंक

पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर ने तो अपनी टीम के अंको के बारे में कहा था कि हमने इसे 17.4 अंक कर लिया है। तो वहीं दक्षिण अफ्रीका बोर्ड से एक अधिकारी ने कहा कि “हमारे लिए कोई मानक चिन्ह नहीं है। हर खिला़ड़ी को अपना एक बैंचमार्क दिया जाता है। जिसे उन्हें पास करना होता है। ये निश्चित रूप से 16 से ज्यादा है।”

 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए 19 अंक निर्धारित

वहीं ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए भी यो-यो टेस्ट की कड़ी प्रक्रिया होती थी लेकिन ये पिछले 4-5 सालों से बंद कर दी गई है। इसको लेकर ग्रेग चैपल ने कहा कि हमने “यो-यो टेस्ट 4-5 साल पहले बंद कर दिया। हम जो चाहते हैं उसके लिए ये पर्याप्त उपाय नहीं माना जा सकता है। हम उस दिन 2 किलोमीटर के परीक्षण का उपयोग करते हैं। टेस्ट के लिए 19 कम से कम अंक जरूरी हैं।”

यो-यो टेस्ट के अंक को लेकर बीसीसीआई की राय

बीसीसीआई के सूत्रों ने यो-यो टेस्ट को लेकर कहा कि “खिलाड़ियों के पास फिटनेस के न्यूनतम मापदंड हो। शतक बनाने के बाद खिलाड़ी के पास तीन अंक बनाने की स्थिति होनी चाहिए। हम ये कैसे जाने? तो यो-यो टेस्ट का स्कोर हमें इस बात का संकेत देता है। इस समय कुछ स्तर पर 16.1 अंक है। हम इसको 16.3 अंक तक बढ़ा सकते हैं। “

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