मॉस्को। रूस में आज से फीफा विश्वकप का आगाज होने जा रहा है, ऐसे में मेजबान रूस विजयी शुरूआत करने के लिए मैदान में उतरेगा। खबरों के मुताबिक गत कुछ सालों में डोपिंग के विवादों से जूझ रहा और फीफा विश्वकप में सबसे निचली रैंकिंग के साथ उतर रहा मेजबान रूस टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में सउदी अरब के खिलाफ विजयी शुरूआत करने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।
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फुटबाल के महाकुंभ की होगी शुरूआत गुरुवार को रूस और सउदी अरब के मुकाबले से फुटबाल के महाकुंभ की शुरूआत होगी। ये मुकाबला लुजनीकी स्टेडियम में खेला जाएगा और दोनों टीमों की नजरें विजयी शुरूआत करने पर लगी हुई है। रूस और सउदी अरब के ग्रुप ए में मिस्र और पूर्व विजेता उरूग्वे जैसी टीमें हैं। इस मुकाबले में जो टीम जीतेगी उसके लिए नॉकआउट दौर में पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी।
रूस ने जब विश्वकप के आयोजन के लिए दावेदारी की थी तब उसकी टीम बुलंदी पर थी। रूस ने साल 2008 की यूरोपियन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनाई लेकिन तब से अब तक समय में बदलाव आ चुका है। रूस 32 टीमों के विश्वकप में सबसे निचली रैंकिंग की टीम के रूप में उतर रहा है।
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रूसी टीम ने बनाएं रखा अपनी उम्मीदों को वे साल 2008 से किसी भी टूर्नामेंट में ग्रुप चरण से आगे नहीं निकल सका है जिसे देखते हुए रूसी टीम अपने देश की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए शानदार शुरूआत करना चाहेगी।
रूस ने मेजबान होने के नाते क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया और उसे सीधे विश्वकप में जगह मिल गई। लेकिन इसके बाद के परिणामों में रूस को अपेक्षित सफलता हासिल नहीं हुई और वह विश्व रैंकिंग में 66वें नंबर पर खिसक गया। रूस की आखिरी जीत अक्टूबर 2017 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ थी और उसके बाद से 7 मैचों में उसे कोई जीत हासिल नहीं हुई।