खेल डेस्क। अफगानिस्तान कई सालों से युद्ध और कई तरह की परेशानिया झेल रहा है। इसके बाद भी अफगानिस्तान के खिलाडिय़ों का खेल के प्रति जो लगाव है वह कभी कम नहीं हुआ है। यहीं बजह है कि इन विभीषिकाओं को झेलने के बाद भी अफगानिस्तान के खिलाड़ी न सिर्फ अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि खेल जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बना रहे हैं। कुछ ऐसी ही बात को समझाना चाहते हैं अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज शापूर जादरान। उन्होंने हाल ही मैं एक बात कही है जिसके कारण उन्होंने हजारों करोड़ों क्रिकेट के प्रशंसकों का दिल जीत लिया है।
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उन्होंने कहा है कि ;उनके देश में बम धमाके होते रहेंगे लेकिन वह उस पर ध्यान दिए बिना खेलना जारी रखना चाहते है। शापूर ने कहा कि दिल को झिकझौर देने वाली इस तरह की घटनाएं उनके देश में होती रहती है लेकिन पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर उनके पास आगे बढऩे के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। बांग्लादेश के साथ मौजूदा टी 20 श्रृंखला में अफगानिस्तान के तेज आक्रमण की अगुआई कर रहे शापूर ने कहा कि, ; धमाके होते रहेंगे लेकिन हमें उन्हें भूलना होगा। हर महीने हमले होते हैं। हम ज्यादा समय दौरे पर होते हैं, हमारे पास क्या विकल्प हैं? हमें इन चीजों को पीछे छोड़ कर खेल पर 100 प्रतिशत ध्यान देना होगा।
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बार-बार चोटिल होने के कारण शापूर का कॅरियर बहुत प्रभावित भी हुआ है। उन्होंने अगस्त 2013 के बाद प्रथम श्रेणी का कोई मैच नहीं खेला है। इससे पहले शापूर ने देश लिए पहले टी 20 विश्व कप (2010) और फिर क्रिकेट विश्व कप 2015 में देश का प्रतिनिधित्व किया है। फिल्हाल अभी शापूर बांग्लादेश के साथ मौजूदा टी 20 श्रृंखला में अफगानिस्तान के तेज आक्रमण की अगुआई कर रहे है। लेकिन इसके बाद भी उन्हे भारत के साथ होने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच में टीम में शामिल न होने का भी दुख है।
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उन्होंने इसके बारे में कहा कि, ; मैं इसे मौके को न पाने से निराश हूं लेकिन चोट के कारण मैने चार दिवसीय मैच नहीं खेले है। अब मैं फिट हूं और 140 की रफ्तार से गेंद फेंक सकता हूं लेकिन मेरा ध्यान सीमित ओवरों के क्रिकेट पर है। शापूर के आगे क्रिकेट खेलने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि, ; मुझे लगता है कि मुझ में अभी काफी क्रिकेट बचा हुआ है। जब तक मैं फिट हूं तब तक खेलूंगा। मैं संन्यास लेने से पहले अफगानिस्तान में एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना चाहता हूं।