खेल डेस्क। भले ही पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चयन के मानक यो-यो टेस्ट की आलोचना की हो, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने इस टेस्ट का पुरजोर समर्थन किया है।
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मुख्य कोच रवि शास्त्री और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इस मामले में अपने विचार रखते हुए कहा कि आप यो-यो टेस्ट पास कीजिए और भारत के लिए खेलिए।
इंग्लैंड के लम्बे दौर पर जाने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक उदाहरण देते हुए यो-यो टेस्ट का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज के दमखम और सहनशक्ति को दर्शाने का सबूत है।
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भारतीय कप्तान ने कहा कि अपनी यॉर्कर के लिए मशहूर जसप्रीत बुमराह आखिरी टेस्ट के दौरान अपने अन्तिम स्पैल में 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे। यहीं फिटनेस का असली एग्जाम होता है।
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ब्रिटेन दौरे के लिए टीम इंडिया की रवानगी से पहले कोच रवि शास्त्री ने यो-यो टेस्ट का समर्थन करते हुए कहा कि आप के अंदर कुछ निश्चित काबिलियत है, लेकिन अगर आप फिट हो तो आप इसमें ज्यादा निखार ला सकते हो। इसी कारण टीम चयन से पूर्व हमारे द्वारा यो-यो टेस्ट पर जोर दिया जा रहा है।
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हाल में इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के शीर्ष स्कोरर में रहे अम्बाती रायुडू यो-यो टेस्ट पास करने में असफल रहे थे। जिसके कारण उन्हें भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद पूर्व चयन समिति के अध्यक्ष संदीप पाटिल ने यो-यो टेस्ट को लेकर खुले आम सवाल उठाए थे।