महेंद्र सिंह धोनी जिन्होंने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को हर मुकाम दिलाया है, जिसकी टीम और टीम प्रबन्धन हर कप्तान से अपेक्षा करता है, धोनी ने कप्तानी करते हुए इंडिया टीम को प्रत्येक फार्मेट में ऊंचाईयों तक पहुंचा भारत को 1983 के बाद विश्वकप जीताया.

धोनी के प्रशंसक उन्हें भगवान की तरह पूजते है, उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए हवन पूजन इत्यादि करते है. जब भी धोनी स्टेडियम में बल्लेबाजी के लिए प्रवेश करते है तब वहां पर मौजूद समर्थकों के शोर-शराबे से ही उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
आज हम आपके सामने कुछ ऐसे उदाहरण पेश करेंगे, जिनके बारे में माही प्रेमी पढ़ना नहीं पसंद करेंगे. लेकिन आज धोनी से सम्बन्ध रखने वाले कुछ ऐसे अनछुए पहलू पेश करेंगे, जिन्हें आप देखना भी नहीं पसंद करेंगे.
बकरी का बलि देकर मनाई जीत की खुशी
अधिकतर धोनी मंदिर में पूजा करते हुए देखे जाते है. जिससे यह तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि धोनी भगवान के प्रति श्रद्धा रखते, लेकिन उनकी ये श्रद्धा अंधविश्वास में बदल जायेगी इसका अंदाजा कर पाना कठिन होगा.
इस प्रकार का उदाहरण 2008 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में भारत की त्रिकोणीय सीरीज़ जीत का जश्न बकरी की बलि देकर मनाया. इसके बाद इस कृत्य पर इनकी खूब आलोचना की गयी थी.

बकरी की बलि देने के बाद इनके द्वारा किया गया ये कृत्य उस डायरी में शामिल हो गया था जिसे कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है, अनुभवी खिलाड़ियों से लेकर क्रिकेट के मानने वाले लोगों ने इस कृत्य को बेहद शर्मनाक बताया था. इसके बाद धोनी ने इस तरह के कृत्य को दोहराने की कोशिश ना करने के लिए भी कहा था.
इस तरह के कृत्य से धोनी ने सम्पूर्ण देश को झकझोर कर रख दिया था, लोगों ने ये भी कहा आप अपनी खुशी के लिए दूसरे का बलिदान का सहारा लेकर कैसे कर सकते है. इसके बाद धोनी ने माफ़ी मांगते हुए इस तरह के कृत्य को दोबारा ना दोहराने के लिए कहा था.

मानवीय प्रवत्ति में गलतियों को करना आम बात है, लेकिन गलती को करने के बाद उस गलती को दोहराना पापा माना गया है.
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The post धोनी के करियर का ऐसा काला सच जिसे दोबारा याद नहीं करना चाहेंगे पूर्व भारतीय कप्तान appeared first on SportzWiki Hindi.