14 जून से रूस में चल रहा फीफा वर्ल्ड कप लोगों के दिलों में इस वक़्त छाया है, पूरी दुनिया में इस फीफा का फीवर छाया हुआ है. फ़ुटबाल समर्थक अपनी टीम के समर्थन में बड़ी मात्र में स्टेडियम में पहुंच रहे है.
आज हम आपको एक ऐसे व्यक्तित्व का परिचय करायेंगे जिसने क्रिकेट और फ़ुटबाल दोनों में हाथ आजमाए है और दोनों में ही महारथ हासिल की है.

इनका है फ़ुटबाल से भी अगाध रिश्ता
इस समय पूरी दुनिया पर फीफा वर्ल्ड कप 2018 का फीवर चढ़ा है. दुनिया की 32 टीमें इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं. 15 जुलाई को फ़ुटबाल अपने चरम पर पहुंचते हुए फाइनल में पहुंचकर समाप्ति की ओर चला जाएगा. पूरी दुनिया में अगर फुटबॉल के बाद दूसरा कोई खेल सबसे ज्यादा चर्चित है, तो वो है क्रिेकेट..

लेकिन दोनों खेलों में एक अंतर देखा जा सकता है, तो वो टीमों को लेकर है क्रिकेट में गिने चुने देश ही खेलते है, जबकि फ़ुटबाल में अधिकतर देश प्रतिनिधित्व करते है.यह दोनों गेम्स भले ही अलग-अलग हों, लेकिन एक खिलाड़ी ऐसी है, जिसके लिए ये दोनों बराबर हैं.
इनका नाम है क्लेयर टेलर, ईएसपीएन क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक 53 साल की हो चुकीं टेलर क्रिकेट और फुटबॉल दोनों वर्ल्ड कप खेलने वाली एकलौती खिलाड़ी हैं. वैसे फुटबॉल खेलने में कई क्रिकेटर माहिर रहे हैं, लेकिन दोनों खेलों के वर्ल्ड कप में हिस्सा सिर्फ टेलर ने लिया है.
फुटबॉल खेलते-खेलते बन गईं गेंदबाज
टेलर ने अपने खेल की शुरुआत फ़ुटबाल से ही की थी. क्लेयर एलिजाबेथ टेलर ने अपने करियर की शुरुआत फुटबॉल से की थी. 11 साल की उम्र में टेलर मैदान में फुटबॉल खेलने निकल जाया करती थीं, मगर फुटबॉल में किक लगाते-लगाते वह कब गेंदबाज बन गई यह पता ही नहीं चला.

साल 1988 में आयरलैंड के विरुद्ध टेलर ने वनडे डेब्यू किया था. वह इंग्लैंड की पहली महिला तेज गेंदबाज भी रहीं, जिन्होंने 100 इंटरनेशनल विकेट लिए. यही नहीं 2000 क्रिकेट वर्ल्ड कप में टेलर दूसरी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज थी. 1993 में जब इंग्लिश महिला क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीता तो टेलर उस टीम की सदस्य थी.
क्रिकेट और फुटबॉल खेला साथ-साथ
खेल से प्रेम करने वाली टेलर की एक खासियत थी की ये फ़ुटबाल और क्रिकेट को एक साथ खेलते हुए दोनों खेलों का आनंद लेती थी. 1993 में क्रिकेट वर्ल्ड कप खेलने के ठीक दो साल बाद वह इंग्लैंड की महिला फुटबॉल टीम की तरफ से फुटबॉल वर्ल्ड कप खेल आईं.
इसके बाद जब वो वहां से लौट के आई तो उन्होंने फिर से अपना रुख क्रिकेट कीओर मोड़ लिया और अगले 10 सालों तक क्रिकेट खेला. 2005 में रिटायर होने से पहले इस महिला गेंदबाज ने 16 टेस्ट में 25 विकेट और 105 वनडे में 102 विकेट अपने नाम कर लिए थे.
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The post दुनिया का एकलौता खिलाड़ी जिसने आईसीसी क्रिकेट विश्वकप जीतने के अलावा फूटबॉल विश्वकप में भी लिया हिस्सा appeared first on SportzWiki Hindi.