बेंगलुरू। अगर किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम में जगह बनानी है तो उसे हर हाल में चयन का मानक यो यो टेस्ट पास करना ही पड़ेगा, चाहे वो खिलाड़ी भारतीय कप्तान विराट कोहली हो या पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ही क्यों नहीं।
इस कड़ी में 27 जून से शुरू होने वाले इंग्लैंड दौरे के लिए अपनी उपलब्धता तय करने के लिए टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और महेन्द्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को इस फिटनेस परीक्षण में भाग लिया।
विराट कोहली को इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें संस्करण के दौरान गर्दन में लगी चोट से उनकी इंग्लैंड दौरे की तैयारियों को करारा झटका लगा। इस कारण वह इस महीने काउंटी चैम्पियनशिप में सरे की ओर नहीं खेल सके थे।
विराट कोहली कांउटी क्रिकेट खेलने के लिए तो अफगानिस्तान के खिलाफ चल रहे टेस्ट मैच के लिए टीम से भी बाहर हो गए थे। किसी भी दौरे से पहले भारतीय टीम प्रबंधन ने ; यो यो टेस्ट को फिटनेस का आधार बनाया हुआ है। यह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी मैदान पर भारतीय टीम के ट्रेनर शंकर बासु और अन्य सहयोगी स्टाफ की मौजूदगी में हुआ।
भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली ने महेन्द्र सिंह धोनी, बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और केदार जाधव के साथ मिलकर पहले बैच में एडवांस्ड बीप टेस्ट में भाग लिया।हालांकि विराट और धोनी के यो यो टेस्ट का परिणाम पता नहीं चल सका है, लेकिन विराट कोहली टेस्ट के दौरान किसी तरह से असहज नहीं दिखे। कोहली यो यो टेस्ट के दौरान धोनी के बराबर दिखाई दिए।
इसी टेस्ट के आधार पर 27 से 29 जून तक आयरलैंड के खिलाफ ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उनकी उपलब्धता तय होगी। इंग्लैंड के दौर में भारतीय टीम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय, तीन वनडे और पांच टेस्ट मैच खेलेगी।
यो यो टेस्ट में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, सिद्धार्थ कौल , वाशिंगटन सुंदर , युजवेंद्र चहल, मनीष पांडे को भी हिस्सा लेते हुए देखा गया। इससे पहले फिटनेस टेस्ट पास करने में असफल रहने के कारण तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अफगानिस्तान के खिलाफ चल रहे टेस्ट मैच की भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था।